भारी बारिश में बह गया था पुल, BRO ने 5 दिनों में किया तैयार, ट्रैफिक हुआ बहाल
Border Roads Organisation: जब भी कभी कुदरत के कहर के कारण देश में कोई पुल टूटता है तब बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन की मदद ली जाती है, क्योंकि वो बेली ब्रिज बनाकर ट्रैफिक की आवाजाही को फिर से बहाल करने में मदद करते हैं, सिक्किम में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला.
Written By: Shariqul Hoda|Updated: Jul 5, 2026 18:05
Edited By : Shariqul Hoda|Updated: Jul 5, 2026 18:05
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(Photo-X/@BROindia)
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मुख्य बिंदु
BRO ने क्षतिग्रस्त बेली ब्रिज को सिर्फ 5 दिनों में फिर से बनाया.
28 जून को भारी बारिश के कारण पुराना पुल बह गया था.
नए पुल ने जोंगू का सिक्किम के बाकी हिस्सों से इकलौता सड़क संपर्क फिर से बहाल कर दिया.
मानसून के मौसम के बाद एक पक्का पुल बनाया जाएगा, जिसके लिए ऐलान कर दिया गया है
बहाल हुए रास्ते से परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और सामान की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है.
BRO Restores Washed Away Bridge in Sikkim In 5 Days: बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने सिक्किम के जोंगू निर्वाचन क्षेत्र में फी चू खोला (Phee Chu Khola) पर एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाकर परिवहन के एक अहम रास्ते को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया है. लगातार बारिश से मौजूदा फी ब्रिज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे यह इलाका राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया था. इसके बाद नया पुल सिर्फ 5 दिनों में बनकर तैयार हो गया.
क्यों टूटा था पुल?
28 जून को रात भर हुई लगातार बारिश के कारण फी खोला पर बना मूल बेली ब्रिज बह गया था. इस घटना से फिडांग-संकलांग सड़क पर यातायात बाधित हो गया, जिससे स्थानीय निवासियों, सार्वजनिक परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और जरूरी सामान की आपूर्ति पर असर पड़ा.
कनेक्टिविटी को तेजी से बहाल करने के लिए, प्रोजेक्ट स्वास्तिक की 758 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) के तहत काम करने वाली 107 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC), GREF ने आपातकालीन पुल निर्माण अभियान शुरू किया. इंजीनियर्स और कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त ढांचे के बगल में नया बेली ब्रिज बनाया, जिससे जोंगू का सिक्किम के बाकी हिस्सों से इकलौता सीधा सड़क संपर्क फिर से बहाल हो गया.
लगातार बारिश, मुश्किल इलाके और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद, BRO की टीमों ने उम्मीद से पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार काम किया. उनकी कोशिशों से उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी ट्रैफिक बहाल हो सका, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली. नए बने पुल का उद्घाटन वन मंत्री और जोंगू के विधायक पिंटसो नामग्याल लेपचा ने किया. इस कार्यक्रम में मंगन के डिप्टी कमिश्नर अनंत जैन, पुलिस अधीक्षक एल.बी. छेत्री, ब्रिगेडियर अमित सखरे, BRO के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय निवासी शामिल हुए.
उद्घाटन के दौरान, मंत्री ने इतने कम समय में पुल पूरा करने के लिए BRO के इंजीनियरों, मजदूरों और तकनीकी टीमों के समर्पण की तारीफ की. उन्होंने कहा कि तेजी से बहाली का काम लोगों की उम्मीदों से कहीं बेहतर था और इससे आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने की संगठन की क्षमता का पता चलता है.
परमानेंट ब्रिज बनेगा
मंत्री ने ये भी चेतावनी दी कि मॉनसून के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन जैसी मौसम से जुड़ी और चुनौतियां आ सकती हैं. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि BRO ऐसी स्थितियों में सड़क संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता रहेगा. उन्होंने साफ किया कि नया बेली ब्रिज परिवहन बहाल करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था है. मॉनसून के मौसम के बाद एक परमानेंट ब्रिज बनाने की प्लान है, जो इस इलाके के लिए ज्यादा मजबूत और टिकाऊ समाधान देगा. सड़क संपर्क बहाल होने से यात्रियों, इमरजेंसी वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सामान की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, जिससे जोंगू के लोगों को बड़ी राहत मिली है.
निष्कर्ष
सिक्किम में बेली ब्रिज की तेजी से बहाली, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की तेजी से काम करने की क्षमता को दिखाती है. खराब मौसम और मुश्किल इलाके के बावजूद, ये प्रोजेक्ट 5 दिनों में पूरा हो गया, जिससे निवासियों को जरूरी सेवाओं और परिवहन तक फिर से पहुंच मिल गई. जहां अस्थायी पुल तुरंत राहत देता है, वहीं मानसून के बाद पक्के पुल की योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी. ये अचीवमें इमरजेंसी सिचुएशंस में वक्त पर बुनियादी ढाँचे के सहयोग के महत्व को दर्शाती है.
मुख्य बिंदु
BRO ने क्षतिग्रस्त बेली ब्रिज को सिर्फ 5 दिनों में फिर से बनाया.
28 जून को भारी बारिश के कारण पुराना पुल बह गया था.
नए पुल ने जोंगू का सिक्किम के बाकी हिस्सों से इकलौता सड़क संपर्क फिर से बहाल कर दिया.
मानसून के मौसम के बाद एक पक्का पुल बनाया जाएगा, जिसके लिए ऐलान कर दिया गया है
बहाल हुए रास्ते से परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और सामान की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है.
BRO Restores Washed Away Bridge in Sikkim In 5 Days: बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन ने सिक्किम के जोंगू निर्वाचन क्षेत्र में फी चू खोला (Phee Chu Khola) पर एक अस्थायी बेली ब्रिज बनाकर परिवहन के एक अहम रास्ते को सफलतापूर्वक बहाल कर दिया है. लगातार बारिश से मौजूदा फी ब्रिज बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे यह इलाका राज्य के बाकी हिस्सों से कट गया था. इसके बाद नया पुल सिर्फ 5 दिनों में बनकर तैयार हो गया.
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क्यों टूटा था पुल?
28 जून को रात भर हुई लगातार बारिश के कारण फी खोला पर बना मूल बेली ब्रिज बह गया था. इस घटना से फिडांग-संकलांग सड़क पर यातायात बाधित हो गया, जिससे स्थानीय निवासियों, सार्वजनिक परिवहन, आपातकालीन सेवाओं और जरूरी सामान की आपूर्ति पर असर पड़ा.
कनेक्टिविटी को तेजी से बहाल करने के लिए, प्रोजेक्ट स्वास्तिक की 758 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) के तहत काम करने वाली 107 रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (RCC), GREF ने आपातकालीन पुल निर्माण अभियान शुरू किया. इंजीनियर्स और कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त ढांचे के बगल में नया बेली ब्रिज बनाया, जिससे जोंगू का सिक्किम के बाकी हिस्सों से इकलौता सीधा सड़क संपर्क फिर से बहाल हो गया.
लगातार बारिश, मुश्किल इलाके और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद, BRO की टीमों ने उम्मीद से पहले प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए लगातार काम किया. उनकी कोशिशों से उम्मीद से कहीं ज्यादा जल्दी ट्रैफिक बहाल हो सका, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली. नए बने पुल का उद्घाटन वन मंत्री और जोंगू के विधायक पिंटसो नामग्याल लेपचा ने किया. इस कार्यक्रम में मंगन के डिप्टी कमिश्नर अनंत जैन, पुलिस अधीक्षक एल.बी. छेत्री, ब्रिगेडियर अमित सखरे, BRO के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय निवासी शामिल हुए.
Following the collapse of the Pheechu Bridge on 28 June 2026 due to a flash flood on a strategic road in North Sikkim, Project Swastik @BRO responded with speed… pic.twitter.com/p6oT8gKXgV
— 𝐁𝐨𝐫𝐝𝐞𝐫 𝐑𝐨𝐚𝐝𝐬 𝐎𝐫𝐠𝐚𝐧𝐢𝐬𝐚𝐭𝐢𝐨𝐧 (@BROindia) July 4, 2026
BRO की तारीफ
उद्घाटन के दौरान, मंत्री ने इतने कम समय में पुल पूरा करने के लिए BRO के इंजीनियरों, मजदूरों और तकनीकी टीमों के समर्पण की तारीफ की. उन्होंने कहा कि तेजी से बहाली का काम लोगों की उम्मीदों से कहीं बेहतर था और इससे आपातकालीन स्थितियों में प्रभावी ढंग से काम करने की संगठन की क्षमता का पता चलता है.
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परमानेंट ब्रिज बनेगा
मंत्री ने ये भी चेतावनी दी कि मॉनसून के मौसम में बाढ़ और भूस्खलन जैसी मौसम से जुड़ी और चुनौतियां आ सकती हैं. हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि BRO ऐसी स्थितियों में सड़क संपर्क बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता रहेगा. उन्होंने साफ किया कि नया बेली ब्रिज परिवहन बहाल करने के लिए एक अस्थायी व्यवस्था है. मॉनसून के मौसम के बाद एक परमानेंट ब्रिज बनाने की प्लान है, जो इस इलाके के लिए ज्यादा मजबूत और टिकाऊ समाधान देगा. सड़क संपर्क बहाल होने से यात्रियों, इमरजेंसी वाहनों, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सामान की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, जिससे जोंगू के लोगों को बड़ी राहत मिली है.
निष्कर्ष
सिक्किम में बेली ब्रिज की तेजी से बहाली, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) की तेजी से काम करने की क्षमता को दिखाती है. खराब मौसम और मुश्किल इलाके के बावजूद, ये प्रोजेक्ट 5 दिनों में पूरा हो गया, जिससे निवासियों को जरूरी सेवाओं और परिवहन तक फिर से पहुंच मिल गई. जहां अस्थायी पुल तुरंत राहत देता है, वहीं मानसून के बाद पक्के पुल की योजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी. ये अचीवमें इमरजेंसी सिचुएशंस में वक्त पर बुनियादी ढाँचे के सहयोग के महत्व को दर्शाती है.
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Frequently Asked Questions
28 जून को लगातार भारी बारिश के बाद पुराना बेली ब्रिज बह गया था.
BRO ने सिर्फ 5 दिनों में एक नया अस्थायी बेली ब्रिज बनाने का काम पूरा किया.
सिक्किम के जोंगू निर्वाचन क्षेत्र में फिडंग-सांकलांग सड़क पर यातायात बाधित हुआ था.
नहीं, ये एक अस्थायी बेली ब्रिज है. मानसून के मौसम के बाद एक पक्का पुल बनाया जाएगा.
इसने यात्रियों, आपातकालीन सेवाओं, सार्वजनिक परिवहन और जरूरी सामान की आवाजाही को फिर से शुरू कर दिया है, जिससे जोंगू सिक्किम के बाकी हिस्सों से फिर से जुड़ गया है.