तमिलनाडु सरकार महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा योजना में लंबी दूरी और ग्रामीण बसों को जोड़ने पर विचार कर रही है.
इस नए प्रस्ताव के लागू होने से हर दिन करीब 28 लाख अतिरिक्त महिला यात्रियों को मुफ्त सफर का लाभ मिलेगा.
योजना के विस्तार के बाद फ्री बस सेवा देने वाली गाड़ियों की संख्या 7,300 से बढ़कर 15,400 हो जाएगी.
इस योजना के लिए विभाग कर्नाटक की प्रसिद्ध ‘शक्ति योजना’ के व्यावहारिक मॉडल का अध्ययन कर रहा है.
वर्तमान योजना के जरिए तमिलनाडु की महिलाओं को हर महीने औसतन 830 रुपये की सीधी बचत हो रही है.
Free Bus Scheme: तमिलनाडु सरकार महिलाओं के लिए चलाई जा रही अपनी सबसे लोकप्रिय मुफ्त बस यात्रा योजना का दायरा और बड़ा करने पर विचार कर रही है. अगर इस नए प्रस्ताव को हरी झंडी मिल जाती है, तो राज्य की महिलाओं को लंबी दूरी की कई सरकारी बसों में भी मुफ्त सफर करने की शानदार सुविधा मिलेगी. इस बड़े फैसले से रोजाना करीब 28 लाख अतिरिक्त महिला यात्रियों को सीधा फायदा पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है. परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य की अन्य बस सेवाओं को भी इसमें शामिल करने की पूरी तैयारी चल रही है.
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तैयार किया जा रहा है नया मॉडल
तमिलनाडु का परिवहन विभाग इस नए बदलाव के लिए पड़ोसी राज्य कर्नाटक की बेहद सफल ‘शक्ति योजना’ के मॉडल का अध्ययन कर रहा है. कर्नाटक में महिलाओं को लगभग 26,000 सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है, लेकिन वहां एयर-कंडीशंड, लग्जरी, प्रीमियम और नॉन-एसी स्लीपर बसों को इस छूट से बाहर रखा गया है. अगर तमिलनाडु में भी इसी तरह का नियम लागू होता है, तो राज्य में महिलाओं के लिए फ्री सफर की सुविधा देने वाली बसों की कुल संख्या मौजूदा 7,300 साधारण बसों से सीधे बढ़कर लगभग 15,400 हो जाएगी.
इस बढ़े हुए बस नेटवर्क में तमिलनाडु राज्य परिवहन निगम के अलग-अलग डिवीजनों की हजारों बसें शामिल की जाएंगी. इसकी पूरी रूपरेखा नीचे दी गई टेबल में आसानी से समझी जा सकती है.
बस सेवा का प्रकार
बसों की अनुमानित संख्या
रूट और श्रेणी
साधारण सिटी बसें
7,300 बसें
वर्तमान में मुफ्त सेवा जारी
मोफुसिल बसें
लगभग 7,600 बसें
ग्रामीण और अंतरजिला मार्ग
राज्य एक्सप्रेस परिवहन (SETC)
लगभग 500 बसें
सेमी स्लीपर बस सेवाएं
कुल प्रस्तावित बसें
लगभग 15,400 बसें
नया विस्तारित नेटवर्क
कितनी महिला यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ?
वर्तमान में तमिलनाडु में हर दिन लगभग 70 लाख महिलाएं साधारण सरकारी बसों में मुफ्त सफर का लाभ उठा रही हैं. अधिकारियों का अनुमान है कि अगर ग्रामीण और नॉन-एसी अंतरजिला सेवाओं को भी इस स्कीम में शामिल कर लिया जाता है, तो करीब 40 प्रतिशत महिला यात्री इन नई सेवाओं का इस्तेमाल करने लगेंगी. इस बदलाव से राज्य में सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा और किराए में छूट का लाभ लेने वाले कुल यात्रियों की संख्या मौजूदा 1.31 करोड़ से बढ़कर हर दिन लगभग 1.59 करोड़ तक पहुंच सकती है.
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वित्तीय खर्च का आकलन
परिवहन विभाग ने इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले इसके वित्तीय प्रभाव और बजट का बारीकी से विश्लेषण करना शुरू कर दिया है. इसके लिए राज्य परिवहन की मुख्य सेवाओं के आरक्षण डेटा की जांच की जा रही है ताकि महिला यात्रियों द्वारा दिए जाने वाले औसत किराए का सटीक अनुमान लगाया जा सके. इस समय तमिलनाडु सरकार हर साल करीब 5,380 करोड़ रुपये किराया रियायत पर खर्च करती है, जिसमें से 3,600 करोड़ रुपये महिलाओं की मुफ्त यात्रा पर और 1,780 करोड़ रुपये छात्रों की पढ़ाई के लिए दी जाने वाली छूट पर खर्च होते हैं.
आम महिलाओं की मासिक बचत पर क्या असर पड़ेगा?
इस योजना का दायरा लंबी दूरी की बसों तक बढ़ने से नौकरीपेशा महिलाओं, छात्राओं, इलाज के लिए शहर जाने वाली मरीजों और तीर्थयात्रा पर निकलने वाली महिलाओं का यात्रा खर्च बहुत कम हो जाएगा. तमिलनाडु योजना आयोग की एक विशेष स्टडी की रिपोर्ट में सामने आया है कि मौजूदा मुफ्त बस योजना से महिलाओं को हर महीने औसतन 830 रुपये की सीधी बचत होती है. अब इस योजना के विस्तार से ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी तथा उन्हें आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे.
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निष्कर्ष:
तमिलनाडु में फ्री बस सेवा का दायरा बढ़ाना महिलाओं की आर्थिक आजादी और सुरक्षा के लिए एक बड़ा कदम साबित होगा. लंबी दूरी की यात्रा मुफ्त होने से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में बहुत आसानी होगी.