अगर आप ग्रेटर नोएडा, नोएडा या जेवर एयरपोर्ट के आसपास रहते हैं या सफर करते हैं, तो उत्तर प्रदेश सरकार आपके लिए एक शानदार सौगात लेकर आई है. ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (GNIDA) ने ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे (Ganga Expressway) के सफर को सुगम और तेज बनाने के लिए एक बड़ा मास्टर प्लान तैयार किया है.

इस नए प्लान के तहत ग्रेटर नोएडा से गंगा एक्सप्रेसवे तक की दूरी महज 30 से 45 मिनट में तय हो सकेगी. आइए जानते हैं कि यूपी सरकार की इस नई योजना से आपको क्या-क्या बड़े फायदे मिलने वाले हैं.

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105 मीटर चौड़ी सड़क और हापुड़ बाईपास से सीधा जुड़ाव

लखनऊ में औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा की गई. ग्रेटर नोएडा को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए लगभग 15 किलोमीटर की सड़क कनेक्टिविटी को बढ़ाया जाएगा. हापुड़ बाईपास तक 105 मीटर चौड़ी सड़क बनाने का प्रस्ताव रखा गया है. इससे नोएडा-ग्रेटर नोएडा के लोग बिना किसी ट्रैफिक जाम के सीधे गंगा एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे.

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मालगाड़ियों और भारी वाहनों के लिए बनेगा अलग रूट
अक्सर देखा जाता है कि बड़े ट्रकों और भारी वाहनों के कारण आम जनता को ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है. इस समस्या को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए ग्रेटर नोएडा मास्टर प्लान 2041 में बदलाव किया जा रहा है. अब आम जनता की गाड़ियों और माल ढोने वाले भारी कमर्शियल वाहनों (Freight Cargo) का रास्ता पूरी तरह अलग कर दिया जाएगा.

बोडाकी में बन रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (MMLH) से जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Noida International Airport) तक एक 6-लेन की एलिवेटेड रोड (Elevated Road) बनाई जाएगी.

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लॉजिस्टिक्स हब और एयर कार्गो को मिलेगा सीधा फायदा
यह 6-लेन एलिवेटेड रोड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर (Parallel) बनेगी. इससे लॉजिस्टिक्स हब से निकलने वाला माल सीधे जेवर एयरपोर्ट के एयर कार्गो टर्मिनल तक बिना किसी रुकावट के पहुंच सकेगा. इससे न सिर्फ सामान की ढुलाई तेजी से होगी, बल्कि शहर के मुख्य रास्तों पर भारी ट्रकों की भीड़ भी काफी कम हो जाएगी.

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