UP Govt Supplementary Budget: рдпреЛрдЧреА рдХреИрдмрд┐рдиреЗрдЯ рдХреА рдмреИрдардХ рдЖрдЬ, рдЬрд╛рдиреЗрдВ рдХреМрди рд╕реЗ 20 рдмрдбрд╝реЗ рдлреИрд╕рд▓реЗ рд▓реЗрдВрдЧреЗ CM рдпреЛрдЧреА.
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर राज्य कैबिनेट की एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक होनी है. इस बैठक में उत्तर प्रदेश के विकास, किसानों, युवाओं और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 20 से ज्यादा बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी जा सकती है.
इसके साथ ही यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ही राज्य सरकार अपना पूरक बजट (Supplementary Budget) भी सदन में पेश करने की तैयारी में है. आइए, जानते हैं कि इस कैबिनेट बैठक के मुख्य एजेंडे क्या हैं और यूपी की जनता पर इसका क्या असर पड़ेगा.
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यूपी बजट 2026: आम जनता के काम की मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने नए बजट में राज्य के विकास, सड़कों, नौकरियों, गांवों और किसानों के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं. आइए जानते हैं कि इस बजट से आम लोगों को क्या-क्या मिलने वाला है:
Supplementary Budget का कुल आकार
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कुल अनुपूरक मांग: 59,01,954.10 लाख रुपये (लगभग 59,019.54 करोड़ रुपये).
राजस्व लेखा (Revenue Account): 17,39,949.92 लाख रुपये.
पूंजीगत लेखा (Capital Account): 41,62,004.18 लाख रुपये
शुद्ध व्यय भार (Net Outlay): केंद्रीय योजनाओं के तहत प्राप्त होने वाले केंद्रांश (1124,097.10 लाख रुपये ) को घटाने के बाद, कंसोलिडेटेड फंड से एक्पेंडिचर चार्ज 47,77,857.00 लाख रहेगा.
एक्सप्रेसवे और नई सड़कों का जाल
सरकार प्रदेश में आवाजाही को और आसान बनाने के लिए नई सड़कों और एक्सप्रेसवे पर बड़ा पैसा खर्च कर रही है.
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विंध्य एक्सप्रेसवे: गंगा एक्सप्रेसवे को प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी होते हुए सोनभद्र तक आगे बढ़ाया जाएगा. हरिद्वार जाना आसान: गंगा एक्सप्रेसवे को अब मेरठ से आगे हरिद्वार तक जोड़ने की तैयारी है. जेवर एयरपोर्ट और बाकी रास्ते: जेवर एयरपोर्ट और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को सीधे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए नए रास्ते (ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे) बनेंगे. नोएडा में जाम से राहत: नोएडा के चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक एक नया एलिवेटेड (ऊंचा) फ्लाईओवर बनेगा.
गांवों का विकास, रोजगार और सुविधाएं गांवों में रहने वाले लोगों और युवाओं के लिए बजट में खास ध्यान रखा गया है:
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गांवों में ही बनेंगे आधार कार्ड: अब आधार से जुड़े कामों के लिए शहर नहीं भागना पड़ेगा. प्रदेश के सभी ग्राम सचिवालयों में ही आधार सेवा केंद्र खोले जाएंगे. गांवों में बारात घर: हर विधानसभा के ग्रामीण इलाकों में शादी-ब्याह और कार्यक्रमों के लिए पंचायत उत्सव भवन (बारात घर) बनाए जाएंगे. रोजगार और मकान: मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नए घर बनाने और काम देने के लिए भारी बजट तय किया गया है. सोलर लाइटें: गांवों में रोशनी के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सौर योजना और सुरक्षाकर्मियों (PRD) का भत्ता बढ़ाने का फैसला हुआ है.
औद्योगिक और तकनीकी प्रोत्साहन
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मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण योजना: 300,000 लाख रुपये का अतिरिक्त आवंटन.
FDI एवं Fortune-500 नीतियां: प्रोत्साहन नीति-2023 के तहत 1,30,261 लाख रुपये सब्सिडी.
अटल इंडस्ट्रियल इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन: 1,50,000 लाख रुपये की राशि.
डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर: उत्तर प्रदेश I.T. सदन और स्टेट डाटा सेंटर 2.0 की स्थापना होगी.
किसानों और पशुपालकों के लिए राहत
किसानों की कमाई बढ़ाने और उनकी उपज को सुरक्षित रखने के लिए कई योजनाएं लाई गई हैं: आलू किसानों को राहत: कोल्ड स्टोरेज (शीतगृह) में आलू रखने के किराए पर सरकार छूट (सब्सिडी) देगी. फसलों के सही दाम: सब्जियों और फलों के दाम एकदम से गिरने से रोकने के लिए 10,000 लाख रुपये का भामाशाह भाव स्थिरता कोष बनाया गया है. खाद और बीज पर मदद: किसानों को सस्ती दर पर जैविक/वर्मी कंपोस्ट खाद और अच्छे बीज मिलेंगे. डेयरी और दूध का काम: नंद बाबा दुग्ध मिशन के जरिए पशुपालकों को बढ़ावा दिया जाएगा और अच्छा काम करने वालों को पुरस्कार मिलेगा. मत्स्य पालन की पढ़ाई: गोरखपुर में मछली पालन की पढ़ाई के लिए नया मत्स्य विज्ञान कॉलेज खोला जाएगा.
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बिजली और उद्योग (फैक्ट्रियां व आईटी) बिजली व्यवस्था में सुधार: बिजली कंपनियों का घाटा कम करने और बिजली की निर्बाध सप्लाई के लिए बजट दिया गया है. मेजा में नए पावर प्लांट पर काम होगा. नई नौकरियां और कंपनियां: नए औद्योगिक क्षेत्र (इंडस्ट्रियल एरिया) विकसित किए जाएंगे और बड़ी विदेशी कंपनियों (FDI) को यूपी में फैक्ट्रियां लगाने के लिए छूट मिलेगी, जिससे रोजगार के नए मौके बनेंगे. डिजिटल यूपी: राज्य में नया IT सदन और स्टेट डाटा सेंटर 2.0 बनाया जाएगा.
मदरसा शिक्षा कानून में बड़ा बदलाव उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद अधिनियम, 2004 (Madrasa Education Council Act) में संशोधन के प्रस्ताव पर भी चर्चा होगी. इस नए संशोधन के लागू होने के बाद राज्य के मदरसों को ‘कामिल’ (Kamil) और ‘फाजिल’ (Fazil) की डिग्रियां देने का अधिकार नहीं रहेगा.