TMC Rebel MPs meet Om Birla: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस वक्त एक बहुत बड़ा उलटफेर हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच चल रही हाई-प्रोफाइल बैठक खत्म हो गई. दिल्ली में हुई इस बेहद संवेदनशील मुलाकात के बाद जैसे ही बागी सांसद बाहर निकले, देश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया. बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बागी गुट की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने एक बहुत बड़ा दावा कर दिया. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा, "हम लोग संख्या बल में दो-तिहाई हैं." काकोली घोष के इस दावे का सीधा मतलब यह है कि तकनीकी और कानूनी रूप से इस गुट पर दलबदल विरोधी कानून का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि उनके पास पार्टी तोड़ने के लिए जरूरी दो-तिहाई सांसदों का मजबूत आंकड़ा मौजूद है.
नेशनल सिटीजन पार्टी के तहत PM मोदी के साथ करेंगे काम
भविष्य की रणनीति का खुलासा करते हुए काकोली घोष ने स्पष्ट कर दिया कि टीएमसी का यह बागी धड़ा अब पूरी तरह से नया रास्ता चुन चुका है. उन्होंने एलान किया कि ये सभी सांसद अब 'नेशनल सिटीजन पार्टी' के तहत एक साथ आएंगे और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश और बंगाल के विकास के लिए काम करेंगे. इस बयान से यह साफ हो गया है कि बागी सांसदों का यह नया मोर्चा सीधे तौर पर एनडीए (NDA) गठबंधन का हिस्सा बनने जा रहा है.
ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ हुई इस निर्णायक बैठक और काकोली घोष के तीखे तेवरों ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका दिया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त झेलने के बाद, टीएमसी के भीतर का यह आंतरिक असंतोष अब संसद के भीतर एक बड़ी टूट के रूप में तब्दील हो चुका है. अब देखना यह होगा कि लोकसभा स्पीकर इस गुट को एक अलग संसदीय दल के रूप में कब तक आधिकारिक मान्यता देते हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सत्ता की चूलें हिला दी हैं.
TMC Rebel MPs meet Om Birla: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज उस वक्त एक बहुत बड़ा उलटफेर हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के बीच चल रही हाई-प्रोफाइल बैठक खत्म हो गई. दिल्ली में हुई इस बेहद संवेदनशील मुलाकात के बाद जैसे ही बागी सांसद बाहर निकले, देश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया. बैठक खत्म होने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए बागी गुट की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तिदार ने एक बहुत बड़ा दावा कर दिया. उन्होंने साफ लफ्जों में कहा, “हम लोग संख्या बल में दो-तिहाई हैं.” काकोली घोष के इस दावे का सीधा मतलब यह है कि तकनीकी और कानूनी रूप से इस गुट पर दलबदल विरोधी कानून का कोई असर नहीं होगा, क्योंकि उनके पास पार्टी तोड़ने के लिए जरूरी दो-तिहाई सांसदों का मजबूत आंकड़ा मौजूद है.
नेशनल सिटीजन पार्टी के तहत PM मोदी के साथ करेंगे काम
भविष्य की रणनीति का खुलासा करते हुए काकोली घोष ने स्पष्ट कर दिया कि टीएमसी का यह बागी धड़ा अब पूरी तरह से नया रास्ता चुन चुका है. उन्होंने एलान किया कि ये सभी सांसद अब ‘नेशनल सिटीजन पार्टी’ के तहत एक साथ आएंगे और केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश और बंगाल के विकास के लिए काम करेंगे. इस बयान से यह साफ हो गया है कि बागी सांसदों का यह नया मोर्चा सीधे तौर पर एनडीए (NDA) गठबंधन का हिस्सा बनने जा रहा है.
ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ हुई इस निर्णायक बैठक और काकोली घोष के तीखे तेवरों ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा राजनीतिक झटका दिया है. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में करारी शिकस्त झेलने के बाद, टीएमसी के भीतर का यह आंतरिक असंतोष अब संसद के भीतर एक बड़ी टूट के रूप में तब्दील हो चुका है. अब देखना यह होगा कि लोकसभा स्पीकर इस गुट को एक अलग संसदीय दल के रूप में कब तक आधिकारिक मान्यता देते हैं, लेकिन इस घटनाक्रम ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक की सत्ता की चूलें हिला दी हैं.