पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व डिप्टी स्पीकर और तृणमूल कांग्रेस TMC के पूर्व विधायक आशीष बनर्जी का शव मिला है. बीरभूम जिले के रामनगरहाट स्थित TMC पार्टी के कार्यालय में उनका शव फंदे से लटका मिला. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और उनकी मौत होने के कारणों की जांच जारी है. वहीं पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें उन्होंने अपने दिल का दर्द बयां किया. सुसाइड नोट की डिटेल सामने आ गई है. आशीष प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी थे. वहीं आशीष की संदिग्ध मौत पर ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने ट्वीट लिखा है.
TMC पर अपमानित किए जाने के आरोप लगाए
5 बार के TMC विधायक आशीष बनर्जी ने सुसाइड नोट में ने किसी को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया. उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा कि पार्टी में अपमान सहना पड़ रहा. कुछ नेताओं के वजह से उन्हें अपमानित किया जा रहा है. भ्रष्टाचार से कोई लेना देना नहीं था, फिर भी अपमान किया जा रहा. उन्होंने अपने बच्चों को राजनीति में न आने की सलाह दी और कहा कि उन्होंने राजनीति में आकर गलती की, वे ऐसी गलती न करें. तारापीठ रामपुरहाट डेवलपमेंट अथॉरिटी (TRDA) में साढ़े 3 साल तक उनके पास कोई फाइल नहीं आई. न वे टेंडर कमेटी में थे और न ही चेक पर साइन करने की अथॉरिटी थी.
भ्रष्टाचार मामले में कोई भूमिका होने से इनकार
आशीष ने लिखा कि उन्होंने न प्लान को मंजूरी दी थी और न कोई ‘नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट’ जारी किया था. न ही कोई ग्रांट दी थी, पूरे मामले पर उनसे चर्चा ही नहीं हुई थी, इसलिए मामले में उनकी कोई भूमिका नहीं थी. उन्होंने जिंदगी में कभी भ्रष्ट काम नहीं किए. राजनीतिक जीवन में कभी कोई ऊपर की कमाई नहीं की, किसी से एक पैसा नहीं लिया. स्टूडेंट्स को मुफ्त पढ़ाया, लेकिन कभी उनसे मिठाई तक नहीं ली. कुछ नेताओं ने मुझे बदनाम करने की साजिश रची, इसलिए लगा रहा है कि राजनीति में आकर गलती की. मेरे बच्चे कभी राजनीति में आने की गलती नहीं करेंगे, क्योंकि ये बहुत गंदी जगह है.
रामपुरहाट सीट से 5 बार के विधायक थे आशीष
आशीष बनर्जी पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले की रामपुरहाट सीट से तृणमूल कांग्रेस के विधायक थे. उन्होंने 2001, 2006, 2011, 2016 और 2021 में 5 बार इस सीट से चुनाव जीता. विधानसभा चुनाव 2026 में वे भाजपा के ध्रुबा साहा से हार गए थे. ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के पूर्व विधायक और पूर्व उपसभापति आशीष बनर्जी के निधन को हृदय विदारक और अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताया. उन्होंने लिखा कि आजीवन शिक्षक और जनसेवक रहे आशीष बनर्जी ने दशकों तक ईमानदारी, गरिमा और सादगी के साथ जनता की सेवा की. वे एक सम्मानित व्यक्ति और बीरभूम का गौरव थे. उनके अंतिम संदेश में उनके द्वारा झेले गए दुष्प्रचार अभियान पर गंभीर और चिंताजनक प्रश्न उठते हैं.