पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित चार मंजिला ‘शिखेल होटल’ में मंगलवार देर रात भीषण आग लग गई. इस दर्दनाक हादसे में एक बच्ची और 2 महिलाओं समेत कुल 9 बांग्लादेशी नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 15 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं. शुरुआती जांच में जांच में होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाहियां सामने आईं. होटल के पास न तो पुलिस का वैध लाइसेंस था और न ही फायर सेफ्टी की एनओसी. आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई फायर अलार्म या उपकरण मौजूद नहीं थे. बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक संकरा रास्ता था और रात के वक्त मुख्य गेट बाहर से लॉक कर दिया गया था, जिससे लोग अंदर ही फंस गए.
हादसे के बाद से होटल मालिक फरार है. पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है.
कोलकाता के एक होटल में लगी आग, हादसे में 9 लोगों की मौत; मरने वालों में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल
‘100 मौतें हो सकती थीं, हमने 80 को बचाया’:
घटनास्थल का जायजा लेने के बाद मंत्री कौशिक चौधरी ने कहा, ‘हमारे पास अब तक 9 लोगों की मौत की सूचना है। स्थिति इतनी विकराल थी कि अगर समय रहते कदम न उठाए जाते तो 100 लोगों की जान जा सकती थी, लेकिन हमने मुस्तैदी दिखाते हुए करीब 80 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।’ आग लगने के असल कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि ज्यादातर मौतें आग की लपटों से जलने के बजाय इमारत में फैले घने और जहरीले धुएं के कारण दम घुटने से हुई हैं।
गहरी नींद में थे मेहमान, संकरे गलियारों में भरा जहरीला धुआं
दमकल विभाग के अनुसार, हादसा देर रात करीब 2:45 बजे हुआ. आग इमारत की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट होने की वजह से लगी. होटल में ठहरे ज्यादातर लोग गहरी नींद में थे. देखते ही देखते कमरों और संकरे रास्तों में जहरीला धुआं भर गया. धुआं इतना घना था कि लोगों को बाहर भागने का मौका तक नहीं मिला. डॉक्टरों के मुताबिक, ज्यादातर लोगों की जान जहरीले धुएं से दम घुटने के कारण गई. हादसे में जान गंवाने वाले सभी 9 लोग बांग्लादेश के रहने वाले थे, जो कोलकाता में मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए आए थे.
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