Will Mamata Banerjee Contest Nandigram Again: चुनाव आयोग ने 6 खाली सीटों के लिए उपचुनाव का ऐलान कर दिया है, जिनमें पश्चिम बंगाल की 2 अहम विधानसभा सीटें नंदीग्राम और रेजीनगर शामिल हैं. इसके अलावा जिन 4 सीटों पर में चुनाव होने हैं वो हैं तमिलनाडु में मदुरंतकम (SC) और धारापुरम (SC), पुडुचेरी में थट्टानचावड़ी और असम में नागांव लोकसभा क्षेत्र. जिन जिलों में चुनाव वाले निर्वाचन क्षेत्र पूरी तरह या आंशिक रूप से स्थित हैं, वहां आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है.
क्या ममता लड़ेंगीं चुनाव?
इन चुनावों की वोटिंग 6 अक्टूबर 2026 को होगी और वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होगी. इलेक्शन कमीशन के इस ऐलान के बाद पश्चिम बंगाल में जबरदस्त राजनीतिक अटकलें शुरू हो गई हैं, खासकर इस बात को लेकर कि क्या टीएमसी चीफ ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतर सकती हैं. नंदीग्राम उपचुनाव ममता बनर्जी के लिए खास अहमियत रखता है. ये सीट तब खाली हुई जब बीजेपी नेता और पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी ने इसके विधायक पद से इस्तीफा दे दिया. वहीं हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रेजीनगर सीट खाली हुई थी.
विधानसभा में कमबैक की कोशिश
ममता बनर्जी अभी राज्य विधानसभा से बाहर हैं क्योंकि उन्हें 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भवानीपुर सीट से हार का सामना करना पड़ा था. आंकड़ों के मुताबिक वो शुवेंदु अधिकारी से 15105 वोटों से हार गई थीं. इसलिए नंदीग्राम के जरिए उनकी संभावित वापसी पर सबकी नजरें टिकी होंगी. हालांकि TMC ने आधिकारिक तौर पर ऐलान नहीं किया है कि ममता उपचुनाव लड़ेंगी.
नंदीग्राम सीट की राजनीतिक अहमियत
नंदीग्राम ममता बनर्जी के राजनीतिक सफर से गहराई से जुड़ा रहा है. 2007 में उन्होंने इस इलाके में केमिकल हब प्रोजेक्ट के ख़िलाफ विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई की थी. सिंगूर आंदोलन के साथ-साथ इस आंदोलन ने किसानों को भी लीड करने वाली नेता के तौर पर उनकी छवि को मजबूत किया और टीएमसी के उदय में एक अहम चैप्टर बना. 2011 के विधानसभा चुनाव ने आखिरकार पश्चिम बंगाल में लेफ्ट फ्रंट के 34 साल के शासन को खत्म कर दिया और ममता सीएम बनीं थीं. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ममता उस सीट पर वापसी करेंगी जिसने उनके राजनीतिक करियर में इतना अहम रोल अदा किया था.