---विज्ञापन---

ममता बनर्जी की बैठक से 80 में से 60 विधायक गायब, क्या TMC में होने वाली है टूट?

पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं. ममता बनर्जी की अहम बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर असंतोष और टूट की चर्चाओं को हवा दे दी है.

---विज्ञापन---

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सामने नई चुनौतियां खड़ी होती दिखाई दे रही हैं. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की हालिया बैठक में बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के बाद ममता बनर्जी ने अपने घर पर एक जरूरी बैठक बुलाई थी, जिसमें टीएमसी के लगभग 80 विधायकों में से करीब 60 विधायक पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में नहीं पहुंचे.

ये भी पढ़ें: ‘शासक बने हत्यारे, अभिषेक को कुछ हुआ तो…’, भतीजे पर हमले से भड़कीं ममता बनर्जी की BJP को चेतावनी, देखें हिंसा के वीडियो

---विज्ञापन---

TMC ने क्या सफाई दी?

विपक्ष ने दावा किया है कि टीएमसी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता पार्टी नेतृत्व से नाराज हैं. बताया जा रहा है कि चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर लगातार समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है. इसी कड़ी में आयोजित बैठक को बेहद अहम माना जा रहा था. लेकिन अपेक्षा के विपरीत बड़ी संख्या में विधायकों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. हालांकि टीएमसी नेताओं ने इन अटकलों को खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि अभिषेक और कल्याण बनर्जी पर हुए हमले की वजह से कई विधायक काफी व्यस्त थे और बैठक में शामिल नहीं हो सके. पार्टी नेतृत्व का दावा है कि संगठन पूरी तरह एकजुट है और विपक्ष बेवजह अफवाहें फैला रहा है.

पार्टी में आंतरिक कलह

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद टीएमसी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं में असंतोष देखने को मिल रहा है. हाल के दिनों में कुछ विधायकों और नेताओं के दूसरे राजनीतिक नेताओं से मुलाकात करने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे पार्टी के भीतर संभावित टूट की चर्चाएं तेज हुई हैं. ममता बनर्जी की करीबी कहीं जाने वालीं टीएमसी सांसद काकोली घोष ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बारासात जिला अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने अपनी ही पार्टी के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ एक्शन लेने की मांग की. वहीं, चुनाव में हार के बाद रीजू दत्ता ने विरोध करना शुरू कर दिया, जिसकी वजह से उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया. इसके बाद एक के बाद एक कई नेताओं ने इस्तीफा दिया.

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ें: अभिषेक के बाद कल्याण बनर्जी पर हमला, भीड़ ने TMC सांसद को घेरकर पीटा, सिर में पत्थर लगने से बहा खून

First published on: May 31, 2026 07:10 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola