ममता बनर्जी ने क्यों चुना भवानीपुर? जानें मुख्यमंत्री के इस 'सेफ किले' का पूरा सियासी गणित

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी 291 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट में मुख्य फोकस मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सीट पर है. ममता बनर्जी भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ने जा रही हैं, जानें मुख्यमंत्री ममता ने विधाससभा चुनाव के लिए भवानीपुर सीट को ही क्यों चुना?

Mamta Banerjee
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर सीट से अपनी किस्मत आजमाएंगी. भवानीपुर सीट ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है. यही उनका घर और राजनीतिक क्षेत्र भी है. BJP ने शुभेंदु अधिकारी को भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों से उतारा है, जिससे भवानीपुर में सीधा मुकाबला ममता बनर्जी vs शुभेंदु अधिकारी का हो गया है. पिछले विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद सोवनदेब चट्टोपाध्याय ने ममता बनर्जी के लिए भवानीपुर सीट छोड़ी थी, जहां से ममता बनर्जी ने उपचुनाव जीता था.

भवानीपुर ही क्यों?

ममता बनर्जी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि भवानीपुर उनकी अपनी जगह है. उन्होंने यह साफ किया कि भले ही उन्होंने नंदीग्राम से चुनाव लड़ा हो, लेकिन भवानीपुर उनके दिल के करीब रहा है. यह सीट ममता बनर्जी की राजनीतिक पहचान से जुड़ी हुई है, क्योंकि वे 2011 और 2016 में यहां से जीतीं, और 2021 उपचुनाव में रिकॉर्ड मार्जिन से जीतकर मुख्यमंत्री पद बरकरार रखा. 2021 में नंदीग्राम हारने के बाद उन्होंने उपचुनाव में इसी सीट से 58,000 से ज्यादा वोटों से जीत हासिल की थी. यहां की बंगाली, पंजाबी, गुजराती और मारवाड़ी समुदाय की मिश्रित आबादी ने हमेशा ‘दीदी’ पर भरोसा जताया है. मुख्यमंत्री के रूप में चुनाव जीतना जरूरी है. अगर कहीं हार गईं तो पद पर खतरा हो सकता है. भवानीपुर चुनकर ममता ने डिफेंसिव लेकिन सुरक्षित रणनीति अपनाई है.

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भवानीपुर विधानसभा सीट के गणित को समझें

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के चुनाव लड़ने के कारण इस बार भवानीपुर विधानसभा सीट इस बार पश्चिम बंगाल की सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण सीटों में से एक बन गई है. कोलकाता दक्षिण की इस जनरल सीट पर लगभग 2.5-3 लाख के आसपास मतदाता हैं, जिसमें मध्यम वर्ग, बुद्धिजीवी, व्यापारी (मारवाड़ी, गुजराती समुदाय), बंगाली और अल्पसंख्यक (मुस्लिम) वोटर शामिल हैं. TMC को यहां ममता की व्यक्तिगत लोकप्रियता से मजबूत समर्थन मिलता है. BJP ने सुवेंदु अधिकारी को यहां उतारकर प्रतीकात्मक और रणनीतिक हमला बोला है, क्योंकि 2021 में सुवेंदु ने नंदीग्राम में ममता को हराया था. अगर सुवेंदु यहां जीत गए तो बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो सकता है.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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