ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। ममता बनर्जी की पार्टी अपने दिन प्रतिदिन के खर्चों और सैलरी देने के लिए ED के द्वारा फ्रीज किए गए 440 करोड़ के बैंक खातों में से पैसा निकाल सकेगी। लेकिन पैसे कोर्ट के द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में ही निकाले जा सकेंगे। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बैंक खाते फ्रीज करने के मामले में पुलिस और ED की जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए।
थप्पड़ वाले वीडियो पर सांसद का बयान
वहीं ममता बनर्जी के द्वारा पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए वायरल हुए वीडियो पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तो क्या हुआ? ममता बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के बेहद करीब हैं। वह उनके प्रति स्नेह दिखाती हैं और इस तरह भी करती हैं। ममता बनर्जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ जो चाहें कर सकती हैं और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए वे बुरा भी नहीं मानते हैं। इस तरह के घटनाक्रम होते रहते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है।
VIDEO: रैली में आपा खो बैठीं ममता बनर्जी, कार्यकर्ता को जड़ दिया थप्पड़; क्या थी वजह?
खातों की निगरानी के लिए स्पेशल ऑफिसर
कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने फैसला सुनाया है। साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सुब्रत तालुकदार को TMC बैंक खातों की निगरानी के लिए 'स्पेशल ऑफिसर' नियुक्त किया है, जो 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी, लेकिन पार्टी को खातों से कोई बड़ा लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी। स्पेशल ऑफिसर को 1.25 लाख सैलरी दी जाएगी, जो कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस यानी ममता बनर्जी के गुट द्वारा ही दी जाएगी।
कोर्ट में TMC के वकील अभिषेक मनु सिंघवी
सुनवाई के दौरान जस्टिस ने बिधाननगर पुलिस की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाए और कहा कि FIR दर्ज होने के बाद एक दिन के अंदर पुलिस ने खातों को फ्रीज क्यों कर दिया? TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दी और कहा कि अचानक खाते फ्रीज होने से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(d) का उल्लंघन है और दुर्भावनापूर्ण कदम है।
440 करोड़ रुपये को लेकर क्या है विवाद?
TMC विधानसभा और संसद में 2 धड़ों में बंट चुकी है। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, जबकि बागी गुट का नेतृत्व विपक्ष के नेता ऋतबत बनर्जी कर रहे हैं। HDFC बैंक में 3 खातों में पार्टी का 440 करोड़ रुपया जमा है। ऋतबत बनर्जी के समर्थक 10 बागी विधायकों और पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने पुलिस को शिकायत दी कि 440 करोड़ अवैध वसूली और घोटालों का पैसा हो सकता है। इसी शिकायत पर बिधाननगर पुलिस ने खातों को फ्रीज करा दिया।
ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका! ED ने फ्रीज किए TMC के ₹440 करोड़ के बैंक खाते
ED ने TMC पर लगाए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच के तहत आरोप लगाया है कि TMC के खातों से 'केयरवेल एविएशन' नामक कंपनी को चार्टर्ड फ्लाइट और हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 160 करोड़ रुपये की पेमेंट की गई थी। वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खातों से पैसा निकालने की अनुमति देने का अर्थ यह नहीं कि ममता बनर्जी गुट को 'असली' तृणमूल कांग्रेस की मान्यता मिल गई। असली पार्टी का फैसला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) करेगा। जब तक चुनाव आयोग का फैसला नहीं सुना देता, तब तक बागी गुट स्पेशल ऑफिसर से संपर्क नहीं कर सकेगा।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC) कलकत्ता हाई कोर्ट ने बड़ी राहत दी है। ममता बनर्जी की पार्टी अपने दिन प्रतिदिन के खर्चों और सैलरी देने के लिए ED के द्वारा फ्रीज किए गए 440 करोड़ के बैंक खातों में से पैसा निकाल सकेगी। लेकिन पैसे कोर्ट के द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी की निगरानी में ही निकाले जा सकेंगे। कलकत्ता हाई कोर्ट ने बैंक खाते फ्रीज करने के मामले में पुलिस और ED की जल्दबाजी पर भी सवाल उठाए।
थप्पड़ वाले वीडियो पर सांसद का बयान
वहीं ममता बनर्जी के द्वारा पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ मारते हुए वायरल हुए वीडियो पर TMC सांसद सौगत रॉय ने कहा कि तो क्या हुआ? ममता बनर्जी अपने पार्टी कार्यकर्ताओं के बेहद करीब हैं। वह उनके प्रति स्नेह दिखाती हैं और इस तरह भी करती हैं। ममता बनर्जी अपने कार्यकर्ताओं के साथ जो चाहें कर सकती हैं और पार्टी कार्यकर्ता उन्हें अच्छी तरह जानते हैं, इसलिए वे बुरा भी नहीं मानते हैं। इस तरह के घटनाक्रम होते रहते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है।
VIDEO: रैली में आपा खो बैठीं ममता बनर्जी, कार्यकर्ता को जड़ दिया थप्पड़; क्या थी वजह?
खातों की निगरानी के लिए स्पेशल ऑफिसर
कलकत्ता हाई कोर्ट के जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच ने फैसला सुनाया है। साथ ही कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस सुब्रत तालुकदार को TMC बैंक खातों की निगरानी के लिए ‘स्पेशल ऑफिसर’ नियुक्त किया है, जो 30 सितंबर 2026 तक लागू रहेगी, लेकिन पार्टी को खातों से कोई बड़ा लेन-देन करने की अनुमति नहीं होगी। स्पेशल ऑफिसर को 1.25 लाख सैलरी दी जाएगी, जो कालीघाट स्थित तृणमूल कांग्रेस यानी ममता बनर्जी के गुट द्वारा ही दी जाएगी।
कोर्ट में TMC के वकील अभिषेक मनु सिंघवी
सुनवाई के दौरान जस्टिस ने बिधाननगर पुलिस की कार्रवाई की टाइमिंग पर सवाल उठाए और कहा कि FIR दर्ज होने के बाद एक दिन के अंदर पुलिस ने खातों को फ्रीज क्यों कर दिया? TMC की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने दलीलें दी और कहा कि अचानक खाते फ्रीज होने से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया। यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) और 19(1)(d) का उल्लंघन है और दुर्भावनापूर्ण कदम है।
440 करोड़ रुपये को लेकर क्या है विवाद?
TMC विधानसभा और संसद में 2 धड़ों में बंट चुकी है। एक गुट का नेतृत्व ममता बनर्जी कर रही हैं, जबकि बागी गुट का नेतृत्व विपक्ष के नेता ऋतबत बनर्जी कर रहे हैं। HDFC बैंक में 3 खातों में पार्टी का 440 करोड़ रुपया जमा है। ऋतबत बनर्जी के समर्थक 10 बागी विधायकों और पूर्व कोषाध्यक्ष अरूप विश्वास ने पुलिस को शिकायत दी कि 440 करोड़ अवैध वसूली और घोटालों का पैसा हो सकता है। इसी शिकायत पर बिधाननगर पुलिस ने खातों को फ्रीज करा दिया।
ममता बनर्जी को एक और तगड़ा झटका! ED ने फ्रीज किए TMC के ₹440 करोड़ के बैंक खाते
ED ने TMC पर लगाए मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप
प्रवर्तन निदेशालय (ED) मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) की जांच के तहत आरोप लगाया है कि TMC के खातों से ‘केयरवेल एविएशन’ नामक कंपनी को चार्टर्ड फ्लाइट और हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 160 करोड़ रुपये की पेमेंट की गई थी। वहीं कलकत्ता हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि खातों से पैसा निकालने की अनुमति देने का अर्थ यह नहीं कि ममता बनर्जी गुट को ‘असली’ तृणमूल कांग्रेस की मान्यता मिल गई। असली पार्टी का फैसला भारत निर्वाचन आयोग (ECI) करेगा। जब तक चुनाव आयोग का फैसला नहीं सुना देता, तब तक बागी गुट स्पेशल ऑफिसर से संपर्क नहीं कर सकेगा।