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नवरात्रि पर यूपी का ये जिला बन रहा ‘मिनी बंगाल’, दुर्गा पूजा के लिए मूर्तियों को ‘Eco Friendly’ रूप दे रहे कलाकार

नवरात्रि के मौके पर यूपी के काशी यानी वाराणसी में बनने वाले पंडालों में स्थापित होने वाली मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें गौर करने वाली बात ये है कि ये मूर्तियां Eco Friendly बनाई जा रही हैं, जो कि इस बार आकर्षण का केंद्र बनेंगी।

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Varanasi become mini Bengal in Navratri: देश भर में शारदीय नवरात्रि को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिसे देखते हुए यूपी का एक जिला ऐसा भी है, जो मिनी बंगाल के रूप में देखा जा रहा है और ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि दुर्गा पूजा का बंगाल में एक विशेष महत्व रहता है और उसे लेकर तैयारियां भी बंगाल में जोरों पर की जाती हैं लेकिन अब वही तैयारियां अब यूपी के काशी यानी वाराणसी में देखने को मिल रही हैं। नवरात्रि के शुरू होते ही काशी भी शक्ति की आराधना में लीन हो गया है। इसी के चलते काशी में बनने वाले पंडालों में स्थापित होने वाली मूर्तियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसमें गौर करने वाली बात ये है कि ये मूर्तियां Eco Friendly बनाई जा रही हैं, जो कि इस बार आकर्षण का केंद्र केंद्र बनेंगी।

पंचमेवा, किरकिरी, सफेद तिल, पुआल से बनी मूर्ति होंगी आकर्षण का केंद्र

खोजवा के मूर्तिकार शीतल ने इससे जुड़ी जानकारी देते हुए बताया कि इस बार दुर्गा पूजा के पंडाल में लगाने के लिए हम लोग इको फ्रेंडली मूर्ति तैयार कर रहे हैं। इन मूर्तियों में पंचमेवा से बनी मूर्ति, किरकिरी से बनी मूर्ति, सफेद तिल से बनी मूर्ति, सुतली से बनी मूर्ति, पुआल से बनी मूर्ति शामिल हैं, जो कि आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके साथ ही इन मूर्तियों को बनाने में कमल गट्टा और रुद्राक्ष का इस्तेमाल भी किया गया है। आपको बता दें कि शिव की नगरी काशी में बनने वाले पंडालों में स्थापित होने वाली माता की भव्य प्रतिमाओं को लाने की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके साथ ही कहीं शिव का स्वरूप तो कहीं राममंदिर, कहीं काशी विश्वनाथ धाम तो कहीं केदारनाथ मॉडल पर भी पंडाल बनाया जा रहा है।

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एक क्विंटल मेवा से बनाए जा रहे माता के वस्त्र

मूर्तिकार शीतल ने बताया कि दुर्गा पूजा में स्थापित होने वाली मूर्ति के अंगवस्त्र पंचमेवा से बनाए जा रहे हैं। माता के गहने कोलकाता से मंगाए जाते हैं। तकरीबन एक क्विंटल पंचमेवा से मां का वस्त्र बनाया जा रहा है। आगे की जानकारी देते हुए वे बताते हैं कि माता की मूर्ति आगामी षष्ठी तिथि को पूजा पंडालों में पहुंचेंगी और माता की सप्तमी तिथि को प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। काशी में कई जगहों पर नवरात्रि की अष्टमी और नवमी के लिए पंडाल बनाने का काम अंतिम दौर में है।

आकर्षण का केंद्र होगा काशी के सनातन धर्म इंटर कॉलेज का पंडाल

मिली जानकारी के मुताबिक, इस बार सनातन धर्म इंटर कॉलेज का दिव्य पंडाल और प्रतिमा सिर्फ काशी ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए आकर्षण का केंद्र होगी। यहां 24 फीट की ऊंची मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। कलाकारों की ओर से दावा किया जा रहा है कि यह 24 फीट ऊंची प्रतिमा उत्तर प्रदेश की सबसे ऊंची प्रतिमा होगी। इसी के साथ काशी के अलग-अलग हिस्सों में पूजा पंडाल को थीम आधारित तैयार किया जा रहा है।

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First published on: Oct 17, 2023 02:02 PM

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