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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

‘हमें 111 विधायक नहीं सिर्फ 11 दे दो, फिर एनकाउंटर करने वालों का होगा एनकाउंटर’, AIMIM नेता शौकत अली के बिगड़े बोल

AIMIM नेता शौकत अली ने मेरठ में विवादित बयान देते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ 11 विधायक दे दो, तो वे मुसलमानों का एनकाउंटर करने वालों का ही एनकाउंटर कर देंगे.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 24, 2026 13:11

उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है. मेरठ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एआईएमआईएम (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष हाजी शौकत अली ने बेहद विवादित बयान देकर हलचल मचा दी है. शौकत अली ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि मुसलमानों को एकजुट होने की जरूरत है. उन्होंने जनता से अपील की कि उन्हें 111 विधायकों की जरूरत नहीं है. बस 11 विधायक दे दिए जाएं तो वे अपनी ताकत दिखा देंगे. नेता ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन और सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि अगर प्रदेश में किसी मुसलमान का एनकाउंटर हुआ. तो एनकाउंटर करने वालों का भी एनकाउंटर किया जाएगा. उनके इस बयान के बाद सियासी गलियारों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं.

एकजुटता की अपील

हाजी शौकत अली ने अपने संबोधन में सिर्फ सरकार ही नहीं. बल्कि मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ने जिन 111 विधायकों को जिताकर भेजा. वे आज बेबस नजर आ रहे हैं और कह रहे हैं कि सरकार उनकी नहीं है तो वे क्या कर सकते हैं. शौकत अली ने समर्थकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि अगर मस्जिदों और मदरसों की हिफाजत करनी है. तो ‘एक डंडा. एक झंडा और एक नेता’ के फार्मूले पर चलना होगा. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में जानबूझकर मदरसों पर ताले लटकाए जा रहे हैं और केवल आरोपों के आधार पर लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर किया जा रहा है.

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मेरठ के हक के लिए उठाई आवाज

अपने भाषण के दौरान शौकत अली ने आजादी की लड़ाई का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश को स्वतंत्र कराने में उनके समाज का भी बड़ा योगदान रहा है. लेकिन आज उनके साथ ही सबसे ज्यादा ज्यादती की जा रही है. उन्होंने विकास के मुद्दे पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि विकास की किरणें सिर्फ गोरखपुर और सैफई तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए. मेरठ जैसे शहरों को भी उनका पूरा हक मिलना चाहिए. उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सड़कों पर नमाज पढ़ने वालों के खिलाफ जैसी सख्ती दिखाई जाती है. वैसी ही निष्पक्षता अन्य धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान भी नजर आनी चाहिए.

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क्या होगी अगली कार्रवाई?

शौकत अली के इस तीखे और भड़काऊ बयान ने पुलिस प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है. ‘एनकाउंटर का जवाब एनकाउंटर’ वाले बयान को कानून को सीधे तौर पर चुनौती माना जा रहा है. जानकारों का कहना है कि चुनाव के करीब आते ही इस तरह की बयानबाजी ध्रुवीकरण की कोशिश हो सकती है. हालांकि. गाजियाबाद और मेरठ पुलिस इस पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग और बयान की जांच कर रही है ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके. इस विवादित बयान ने एक बार फिर उत्तर प्रदेश में सुरक्षा. न्याय और राजनीतिक मर्यादाओं पर नई बहस छेड़ दी है. अब देखना यह होगा कि इस बयानबाजी का असर आने वाले दिनों में प्रदेश की कानून व्यवस्था और राजनीति पर क्या पड़ता है.

First published on: Mar 24, 2026 12:43 PM

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