कोडीन कफ सिरप माफिया केस में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो कहा, वो सुनकर हर कोई हिल गया. जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पता चला कि फैसला आने से पहले जज तक निजी स्तर पर पहुंचने की कोशिश की गई. यानी सीधे तौर पर न्यायपालिका को प्रभावित करने की साजिश. कोर्ट ने इसे “न्यायालय के इतिहास का ब्लैक डे” बता दिया. न्यायाधीश ने कोर्ट में सबके सामने कहा – “न्यायपालिका पर असर डालने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी”. इसके बाद उन्होंने निष्पक्षता बनाए रखने के लिए खुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया.
मामले की जांच जारी
अब पूरी फाइल चीफ जस्टिस को भेजी गई है. जमानत पर फैसला नहीं होगा, पहले नई बेंच तय की जाएगी. सबसे शॉकिंग बात ये है कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है. बताया जा रहा है कि वो दुबई में बैठकर ऐश की जिंदगी जी रहा है और यहीं से सिस्टम पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है. ED और पुलिस जांच कर रही है, लेकिन केस की रफ्तार अब लगभग थम सी गई है. एक तरफ माफिया विदेश में बैठकर जज तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, और दूसरी तरफ जांच की रफ्तार धीमी पड़ती जा रही है.
(Input By: Manas Shrivastava)