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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

गर्भगृह में विराजेगी भगवान राम के बाल स्वरूप की प्रतिमा, कुछ ऐसा होगा मंदिर का नक्शा

Ram Mandir Ayodhya : श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने बुधवार को अयोध्या के राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए की जा रही तैयारियों के बारे में बताया और मंदिर किस तरह बना इसकी जानकारी दी।

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Edited By : News24 हिंदी Updated: Dec 28, 2023 12:42
अयोध्या में राम मंदिर का गर्भगृह (एएनआई)

Ram Mandir Ayodhya : अयोध्या में भगवान राम के भव्य मंदिर की स्थापना को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसके तहत मंदिर के गर्भगृह में भगवान राम के बाल स्वरूप ‘रामलला’ की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह गर्भगृह सफेद मकराना पत्थर से बनाया गया है। मंदिर के ट्रस्ट ने बुधवार को यह जानकारी दी।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने बताया कि यह प्रतिमा 51 इंच ऊंची होगी। प्रतिमा का चयन तीन डिजाइन में से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो प्रतिमा सबसे ज्यादा दिव्य होगी और भगवान राम का बाल स्वरूप सबसे अच्छी तरह प्रदर्शित करेगी उसी को गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।

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चंपत राय ने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के नक्शे के बारे में बताते हुए कहा कि पूरे ढांचे का निर्माण करने में करीब 21-22 लाख क्यूबिक फीट पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने आगे कहा कि पत्थरों से इतना बड़ा ढांचा पिछले 100-200 वर्षों में न तो उत्तर भारत में बना होगा और न ही दक्षिण भारत में।

गुलाबी सैंडस्टोन से बनाया जा रहा मंदिर का ढांचा

उन्होंने बताया कि मंदिर का ढांचा गुलाबी रंग के करीब पांच लाख क्यूबिक फीट सैंडस्टोन से हो रहा है जो राजस्थान के भरतपुर से लाए गए हैं। मंदिर का गर्भगृह सफेद मकराना मार्बल से बना है जो तैयार है। मंदिर की नींव 56 लेयर वाले आर्टिफिशियल पत्थरों से बनाई गई है जिसे इंजीनियरों ने तैयार किया है।

इसके अलावा कर्नाटक और तेलंगाना से लाए गए 17,000 ग्रेनाइट ब्लॉक्स से एक चबूतरा बनाया गया है जो जमीन से 21 फीट ऊपर है। बता दें कि मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 22 जनवरी को आयोजित होगा जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल होंगे। इसे लेकर युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं।

तीन मंजिला मंदिर के ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा

राय ने कहा कि 2019 में सुप्रीम कोर्ट ने हिंदुओं को जो 70 एकड़ जमीन दी थी उसके उत्तरी हिस्से पर तीन मंजिला मंदिर बन रहा है। इसके ग्राउंड फ्लोर का काम पूरा हो चुका है और पहले फ्लोर का काम चल रहा है। मंदिर की सुरक्षा के लिए एक दीवार भी बनाई गई है जो 750 मीटर लंबी और 14 फीट चौड़ी है।

यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को लेकर राय ने कहा कि श्रृद्धालु सुविधा केंद्र (पीएफसी) में 25,000 लोगों के लिए लॉकर सुविधा तैयार की गई है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए इसके पास एक अस्पताल का निर्माण भी किया जाएगा। शौचालय और अन्य सुविधाओं के लिए एक विशाल कॉम्प्लेक्स भी बनाया गया है।

First published on: Dec 27, 2023 03:48 PM

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