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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

मायावती ने 40 दिन में क्यों बदला अपना फैसला? आकाश आनंद की वापसी की इनसाइड स्टोरी

मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को माफ कर दिया है। अब आकाश आनंद एक बार फिर पार्टी में बड़ा पद संभालेंगे। अब पॉलिटिकल पंडित आकाश आनंद की पार्टी में वापसी के मायने निकाल रहे हैं।

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Edited By : Rakesh Choudhary Updated: Apr 14, 2025 13:03
Mayawati Aakash Anand
Mayawati Aakash Anand

उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती अपने चौंकाने वाले फैसलों के लिए जानी जाती हैं। एक बार फिर उन्होंने भतीजे आकाश आनंद को बीएसपी में शामिल कर लिया है। आकाश आनंद ने पार्टी से निकाले जाने के बाद साार्वजनिक तौर पर मायावती ने माफी मांगी थी। आकाश आनंद ने देर शाम एक के बाद एक चार पोस्ट सोशल मीडिया पर किए, जिसमें उन्होंने लिखा कि उनसे गलती हो गई है। उन्हें क्षमा करें।

जानें पूरा मामला

आकाश आनंद की पोस्ट के बाद मायावती ने एक्स पर पोस्ट करते हुए आकाश आनंद को माफ करने का ऐलान किया। इसके साथ ही उन्होंने ऐलान किया कि उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ के लिए लिखा कि उन्हें माफी नहीं मिलेगी, क्योंकि उनकी गलतियां माफ करने योग्य नहीं है।

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ऐसे में राजनीतिक विश्लेषक यह अनुमान लगा रहे है कि ये फैसला अचानक कैसे हुआ? कैसे पहले आकाश आनंद ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए, इसके बाद मायावती ने उन्हें माफ कर दिया। विश्लेषकों की मानें तो यह सब कुछ सोची समझी स्क्रिप्ट के तहत हुआ है। आइये जानते हैं मायावती के इस फैसले के क्या मायने है?

अकेली पड़ गई थी मायावती

पॉलिटिकल पंडितों और बसपा की राजनीति को करीब से जानने वाले विश्लेषकों की मानें तो आकाश आनंद की वापसी की पटकथा उन्हें हटाए जाने के बाद से ही तैयार की जा रही थी। मायावती पार्टी में अकेली पड़ गई थीं वहीं पार्टी काडर का दबाव भी लगातार बढ़ रहा था। बसपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अन्य नेताओं पर कार्रवाई करने के लिए मायावती का यह पॉलिटिकल स्टंट था। मायावती अन्य नेताओं के साथ आकांश आनंद को पार्टी से बाहर कर नेताओं को यह संदेश देना चाहती थी कि पार्टी में किसी भी स्तर की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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पार्टी के टूटने का डर

मायावती के इस फैसल के बाद पार्टी के नेता लगातार दबाव बना रहे थे कि आकाश आनंद को फिर से पार्टी में शामिल किया जाए। बसपा के बड़े नेताओं को सपा की ओर से लगातार ऑफर मिल रहे थे। दूसरी ओर बीजेपी भी दलित वोटर्स में सेधमारी के लिए रणनीति बना रही थी। ऐसे में पार्टी में ऐसा कोई नेता नहीं था जो फील्ड में सक्रिय होकर विरोधियों को जवाब दे सके। आकाश को पार्टी से निकाले जाने के बाद हर काम मायावती के जिम्मे आ चुका था। बसपा सुप्रीमो को पार्टी के नेताओं में उत्साह की कमी साफ नजर आ रही थी।

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तय स्क्रिप्ट के अनुसार सब कुछ हुआ

जानकारों की मानें तो मायावती ने यह फैसला अचानक नहीं लिया, बल्कि इससे पहले पूरी पटकथा लिखी गई। जब मायावती के भाई आकाश के पिता आनंद कुमार ने नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद छोड़ा तब से उनकी वापसी की राह तलाशी जा रही थी। ऐसे में सब कुछ तय स्क्रिप्ट के अनुसार ही हुआ। पहले आकाश आनंद ने माफी मांगी इसके कुछ देर बाद मायावती ने पोस्ट कर आकाश आनंद को माफ कर दिया। अब कयास लग रहे है कि मायावती उन्हें जल्द ही नेशनल कोऑर्डिनेट बना सकती है। हां अब आकाश आनंद वहीं बात करेंगे जो मायावती चाहेगी। यानी आकाश पूरी तरह मायावती के निर्देशों का पालन करेंगे।

परिवार की बैठक में हुआ फैसला

मायावती के परिवार से जुडे़ सूत्रों की मानें तो इस फैसले से पहले परिवार के सभी सदस्यों ने एक साथ बैठकर आम राय बनाई। इसके बाद आकाश की पार्टी में वापसी की राह निकाली गई। आकाश आनंद की वापसी से तय हो गया कि मायावती पार्टी कैडर की मांग है। वे पार्टी के भविष्य के चेहरे हैं।

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First published on: Apr 14, 2025 01:03 PM

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