खुद-ब-खुद लाल और हरी होंगी ट्रैफिक बत्तियां! गाजियाबाद के इन इलाकों में आ रहा है एडवांस AI Traffic सिस्टम, जाम से मिलेगी मुक्ति
Ghaziabad Traffic: गाजियाबाद के वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम में एआई (AI) आधारित एडवांस ट्रैफिक सिस्टम (ITMS) लगाया जाएगा, जिससे ऑटोमेटिक सिग्नलों के जरिए वाहन चालकों को भयंकर जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी.
Ghaziabad Traffic: गाजियाबाद के वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम जैसे दिल्ली से सटे पॉश इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है. नगर निगम ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के दूसरे चरण का एक संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है. इस योजना के लागू होने से न केवल सड़कों पर होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सकेगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से आने-जाने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी. नगर आयुक्त ने उम्मीद जताई है कि शासन से हरी झंडी मिलते ही जमीन पर काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा.
नियमों को तोड़ने वालों के कटेंगे ऑनलाइन चालान
गाजियाबाद में ITMS का पहला चरण काफी कामयाब रहा है जिसके तहत शहर के 41 महत्वपूर्ण स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं. इन सभी कैमरों को सीधे नगर निगम मुख्यालय में बने हाईटेक कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां यातायात पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे हर हरकत पर पैनी नजर रखते हैं. पहले चरण की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके जरिए ट्रैफिक के नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के धड़ाधड़ ऑनलाइन चालान काटे जा रहे हैं. अब इसी व्यवस्था को विस्तार देते हुए दूसरे चरण में वैशाली और इंदिरापुरम जैसे भारी ट्रैफिक वाले मुख्य इलाकों को सुरक्षित बनाने की तैयारी की गई है.
इन मुख्य चौराहों और तिराहों पर होगी सख्त निगरानी
नगर निगम ने दूसरे चरण के तहत उन ब्लैक स्पॉट्स और मुख्य रास्तों को चुना है जहां सबसे ज्यादा भीड़ और अपराध की आशंका रहती है. इस लिस्ट में मॉडल टाउन, घूकना टी प्वाइंट, वेव सिनेमा वसुंधरा, रामप्रस्थ गेट नंबर-एक, काला पत्थर आदित्य मॉल, एसआरएस मॉल तिराहा, डीडीपीएस गोविंदपुरम तिराहा, सीबीआई अकादमी कट, संजय गीता चौक आर्यनगर और डीपीएस तिराहा मेरठ रोड शामिल हैं. इनके अलावा लाजपतनगर तिराहा, हिंडन तुलसी निकेतन, भागीरथ चौक प्रताप विहार, बीकानेर गोल चक्कर राजेंद्रनगर जीटी रोड, भोवापुर कट और मकनपुर साईं मंदिर के पास भी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा किया जाएगा.
दूसरे चरण की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें यातायात प्रबंधन को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत चुनिंदा चौराहों और तिराहों पर बेहद एडवांस सेंसरयुक्त स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे. ये खास सेंसर 70 से लेकर 100 मीटर की दूरी से ही सड़कों पर वाहनों के दबाव और लंबी कतारों को आसानी से भांप लेंगे. इसके बाद एआई सिस्टम खुद तय करेगा कि किस तरफ की बत्ती को कितनी देर के लिए हरा या लाल रखना है, जिससे बिना किसी मानवीय दखल के ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा.
Ghaziabad Traffic: गाजियाबाद के वैशाली, वसुंधरा और इंदिरापुरम जैसे दिल्ली से सटे पॉश इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक बड़ी और अच्छी खबर है. नगर निगम ने इन क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने और जाम से मुक्ति दिलाने के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के दूसरे चरण का एक संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा है. इस योजना के लागू होने से न केवल सड़कों पर होने वाली हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सकेगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर से आने-जाने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी. नगर आयुक्त ने उम्मीद जताई है कि शासन से हरी झंडी मिलते ही जमीन पर काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा.
नियमों को तोड़ने वालों के कटेंगे ऑनलाइन चालान
गाजियाबाद में ITMS का पहला चरण काफी कामयाब रहा है जिसके तहत शहर के 41 महत्वपूर्ण स्थानों पर अत्याधुनिक कैमरे पहले ही लगाए जा चुके हैं. इन सभी कैमरों को सीधे नगर निगम मुख्यालय में बने हाईटेक कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है, जहां यातायात पुलिसकर्मी चौबीसों घंटे हर हरकत पर पैनी नजर रखते हैं. पहले चरण की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके जरिए ट्रैफिक के नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के धड़ाधड़ ऑनलाइन चालान काटे जा रहे हैं. अब इसी व्यवस्था को विस्तार देते हुए दूसरे चरण में वैशाली और इंदिरापुरम जैसे भारी ट्रैफिक वाले मुख्य इलाकों को सुरक्षित बनाने की तैयारी की गई है.
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इन मुख्य चौराहों और तिराहों पर होगी सख्त निगरानी
नगर निगम ने दूसरे चरण के तहत उन ब्लैक स्पॉट्स और मुख्य रास्तों को चुना है जहां सबसे ज्यादा भीड़ और अपराध की आशंका रहती है. इस लिस्ट में मॉडल टाउन, घूकना टी प्वाइंट, वेव सिनेमा वसुंधरा, रामप्रस्थ गेट नंबर-एक, काला पत्थर आदित्य मॉल, एसआरएस मॉल तिराहा, डीडीपीएस गोविंदपुरम तिराहा, सीबीआई अकादमी कट, संजय गीता चौक आर्यनगर और डीपीएस तिराहा मेरठ रोड शामिल हैं. इनके अलावा लाजपतनगर तिराहा, हिंडन तुलसी निकेतन, भागीरथ चौक प्रताप विहार, बीकानेर गोल चक्कर राजेंद्रनगर जीटी रोड, भोवापुर कट और मकनपुर साईं मंदिर के पास भी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा किया जाएगा.
दूसरे चरण की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि इसमें यातायात प्रबंधन को पूरी तरह से आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिवाइस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत चुनिंदा चौराहों और तिराहों पर बेहद एडवांस सेंसरयुक्त स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे. ये खास सेंसर 70 से लेकर 100 मीटर की दूरी से ही सड़कों पर वाहनों के दबाव और लंबी कतारों को आसानी से भांप लेंगे. इसके बाद एआई सिस्टम खुद तय करेगा कि किस तरफ की बत्ती को कितनी देर के लिए हरा या लाल रखना है, जिससे बिना किसी मानवीय दखल के ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता रहेगा.