Deepak Pandey
मैं 12 साल से पत्रकारिता से जुड़ा हुआ हूं। दैनिक जागरण और हिंदुस्तान समेत कई संस्थानों में काम कर चुका हूं। इस वक्त न्यूज 24 डिजिटल में कार्यरत हूं।
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उत्तर प्रदेश में साल 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले राजनीतिक दलों ने अपनी-अपनी रणनीति पर काम तेज कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP) के साथ बहुजन समाज पार्टी (BSP) एक्टिव हो गई है। 2012 के विधानसभा चुनाव में हार के बाद सत्ता से बाहर हुई बसपा की नजर साल 2027 पर टिकी है। इसी क्रम में मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को नंबर-टू का ओहदा दिया। आइए जानते हैं कि आकाश आनंद को मिली नई जिम्मेदारी के क्या मायने हैं?
साल 2007 के चुनाव में यूपी की सत्ता में प्रचंड बहुमत से बसपा आई और मायावती प्रदेश की मुख्यमंत्री बनीं। 5 साल तक सरकार में रहने के बाद 2012 में बीएसपी को हार का सामना करना पड़ा और उसके बाद पार्टी का ग्राफ लगातार गिरता गया। 2022 के विधानसभा चुनाव में 12.9 प्रतिशत वोट मिला और एक विधायक को जीत मिली। इसके बाद लोकसभा चुनाव 2024 में बसपा का बड़ा झटका लगा और खाता तक नहीं खुला। 2019 में 10 सीटों पर जीत हासिल करने वाली बसपा का वोट प्रतिशत 2024 में गिरकर 9.43 से 9.35 फीसदी रह गया। विधानसभा चुनाव से यह 3 प्रतिशत कम था।
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उत्तर प्रदेश में कभी दलितों के मुद्दों पर सबसे मुखर रहने वाली बहुजन समाज पार्टी का मूल वोटर ही खिसकता जा रहा है। दलित वोट बैंक पर भाजपा और सपा सेंध लगा रही है। ऐसे में मिशन 2027 के तहत मायावती ने युवा नेता के तौर पर अपने भतीजे आकाश आनंद को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया। यानी आकाश आनंद की बसपा में नंबर टू की पोजिशन रहेगी। बसपा में इस वक्त तीन नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं, जिसमें राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, रणधीर बेनीवाल और राजाराम शामिल हैं। इन तीनों नेशनल कोऑडिनेटर के ऊपर आकाश आनंद हैं।
बहुजन समाज पार्टी (BSP) में आकाश आनंद की सियासी जिम्मेदारी बढ़ाने का मलतब पार्टी में नई ऊर्जा का संचार करना है। मायावती ने आकाश आनंद को चीफ नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाकर दलित युवा वर्ग के बीच नए चेहरे को उतारने का प्रयास किया, ताकि एक बार फिर दलित वोटरों को एकत्रित किया जा सके। साथ ही आकाश आनंद को यूपी चुनाव में प्रचार प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
आकाश आनंद के लिए यूपी चुनाव से पहले बिहार चुनाव अग्निपरीक्षा है। बिहार में जिस तरह पार्टियां दलित वोटरों को अपनी ओर खींचने की कोशिश कर रही हैं, उसी तरह आने वाले दिनों में आकाश आनंद भी एक्टिव हो सकते हैं। इस वक्त बसपा की ओर से रामजी गौतम बिहार के प्रभारी भी हैं, जो आकाश आनंद को रिपोर्ट करेंगे। साथ ही आकाश आनंद की वापसी से यूपी विधानसभा चुनाव में बसपा के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा और जमीनी स्तर पर पार्टी मजबूत होगी। आकाश आनंद को कमान देकर बसपा एक बार फिर यूपी में वापसी करने की कोशिश में जुटी है।
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