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‘मैं बेटियों को साथ ले जाऊंगा…’, रिद्धि-सिद्धि के मर्डर केस में सनकी पिता पर बड़े खुलासे

Riddhi Siddhi Murder: कानपुर के रिद्धि-सिद्धि मर्डर केस में हर बीतते घंटे के साथ ऐसी सच्चाइयां सामने आ रही हैं, जो किसी भी इंसान के होश उड़ा दें. इस दोहरे हत्याकांड की चश्मदीद और पीड़ित मां रेशमा ने पुलिस को दिए बयान में उस नरक के बारे में बताया है, जिसे वह पिछले कई महीनों से जी रही थीं.

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kanpur Riddhi Siddhi Murder case: कानपुर के बर्रा इलाके में दो मासूम जिंदगियों, रिद्धि और सिद्धि, वो दो जुड़वां बहनें जिन्हें उनके ही पिता की सनक ने मौत की नींद सुला दिया, उनकी हत्या की कहानी अब और भी पेचीदा और दर्दनाक होती जा रही है. इस मामले में बेटियों की मां रेशमा ने जो खुलासे किए हैं, उन्होंने घर के बंद दरवाजों के पीछे छिपे खौफनाक मंजर की परतें खोल दी हैं. रेशमा ने बताया कि घर सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि उन पर पहरा देने के लिए CCTV कैमरों से लैस था. पति की सनक इस कदर थी कि उसने रेशमा को बेटियों के कमरे में जाने तक से रोक रखा था. पति अक्सर कहता था, “बेटे को ले जाओ, पर बेटियां मेरे पास रहेंगी.” मजबूरी में रेशमा 9 महीने मायके रहीं, लेकिन ममता उन्हें वापस खींच लाई. उन्हें क्या पता था कि जिस ममता के कारण वह लौटी हैं, वही उनके जीवन का सबसे काला अध्याय बन जाएगा.

रिश्तों का बंटवारा और ‘कैद’ में मां

रेशमा के बयानों से साफ है कि यह घर किसी जेल से कम नहीं था. एक पिता ने न केवल अपनी पत्नी को घर में लगे CCTV कैमरों के जरिए निगरानी में रखा था, बल्कि उसने बच्चों तक का बंटवारा कर दिया था. रेशमा ने बेहद चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि उसे उन कमरों में जाने तक की इजाजत नहीं थी जहां उसकी बेटियां रहती थीं. पति ने घर में ऐसी लक्ष्मण रेखा खींच दी थी जिसे पार करने पर विवाद होता था.

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2:30 बजे बाथरूम ले गया, फिर छाया सन्नाटा

रेशमा के मुताबिक, उस काली रात सब कुछ सामान्य था. रात करीब 2:30 बजे उन्होंने स्क्रीन पर देखा कि पति एक बेटी को लेकर बाथरूम गया और वापस आ गया. इसके बाद कमरे की लाइट बंद हो गई. रेशमा ने दरवाजे पर कान लगाकर आहट लेनी चाही, लेकिन अंदर मौत जैसा सन्नाटा था. उन्हें लगा सब सो गए हैं, पर हकीकत में आरोपी अपने खौफनाक मंसूबे को अंजाम दे चुका था. जब सुबह दोनों बेटियां मृत मिलीं, तो उस मां पर क्या गुजरी होगी जिसे अपनी ही औलाद को छूने तक के लिए बंदिशों का सामना करना पड़ता था.

अनसुलझे सवाल और पुलिस की तफ्तीश

पुलिस अब रेशमा के इन बयानों को आधार बनाकर मामले की जांच कर रही है. घर में लगे CCTV फुटेज को खंगाला जा रहा है ताकि उस काली रात की पूरी हकीकत सामने आ सके. पुलिस अब इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर रही है:

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  • क्या आरोपी पति किसी मानसिक बीमारी से जूझ रहा था?
  • CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग में उस रात की क्या हलचल कैद हुई है?
  • बेटियों को मां से दूर रखने के पीछे असल मकसद क्या था?

पहले नींद की गोलियां, फिर हमला

पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह कत्ल अचानक नहीं, बल्कि पूरी प्लानिंग के साथ किया गया. आरोपी ने एक दिन पहले ही हथियार खरीदा था. मासूम बेटियां चीख न सकें, इसके लिए उसने पहले उन्हें खाने में नींद की गोलियां दीं. जब वे गहरी नींद में सो गईं, तब उसने उनके गले पर गहरे घाव कर दिए. सुबह 4:30 बजे आरोपी ने खुद पुलिस को फोन कर अपने गुनाह की इत्तला दी.

जो बेटियों का कातिल बन जाए, उसे जीने का कोई हक नहीं

दोनों लाडलियों को खो चुकी रेशमा अब केवल इंसाफ चाहती हैं. उनका कहना है कि जो पिता अपनी ही मासूम बेटियों का कातिल बन जाए, उसे जीने का कोई हक नहीं है. उन्होंने आरोपी के लिए फांसी की सजा की मांग की है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया है और घर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं.

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First published on: Apr 20, 2026 12:15 PM

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Vijay Jain

विजय जैन भारतीय मीडिया जगत का एक विश्वसनीय और प्रतिष्ठित नाम हैं. वर्तमान में न्यूज 24 में सीनियर न्यूज एडिटर के रूप में कार्यरत विजय को प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में 23 से अधिक वर्षों का लंबा और समृद्ध अनुभव है. राजनीति, चुनाव, बिजनेस, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसी हर प्रमुख बीट पर मजबूत पकड़ रखने वाले विजय अपनी निष्पक्ष और सटीक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. पत्रकारिता में उनके अद्वितीय योगदान और नैतिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए उन्हें साल 2018 में प्रतिष्ठित 'नेशनल श्रीफल अवार्ड' से सम्मानित किया गया था. डिजिटल दौर में वे ट्रेडिशनल जर्नलिज्म के अनुभवों को न्यू-एज मीडिया और SEO स्ट्रेटेजी के साथ जोड़कर खबरों को नया आयाम दे रहे हैं.

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