Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

क्या है व्यास का तहखाना? सर्वे रिपोर्ट में ऐसा क्या जिसके आधार पर मिली पूजा की अनुमति

Gyanvapi News: व्यास के तहखाना में साल 1993 तक हिंदू पक्ष के लोग पूजा-अर्चना करते थे। विवाद के चलते नवंबर 1993 में राज्य सरकार ने पूजा बंद करवा दी थी।

Author
Edited By : Amit Kasana Updated: Feb 1, 2024 10:35
gyanvapi
ज्ञानवापी मस्जिद परिसर

Gyanvapi News: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में पूजा की अनुमति मिलने के बाद पूरे देश की नजर वाराणसी पर टिक गई है। अगले सात दिन में यहां पूजा और व्यास जी के तहखाने में प्रवेश के सभी इंतजाम पूरे कर लिए जाएंगे। इससे पहले बुधवार रात कोर्ट के आदेश का अनुपालन करने के लिए तहखाने में जिला प्रशासन और वकीलों की उपस्थिति में पूजा अर्चना की गई। गुरुवार सुबह तीन बजे से ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग व्यास के तहखाने में जाने और पूजा करने के लिए खड़े हैं।

---विज्ञापन---

क्या है व्यास जी का तहखाना

जानकारी के अनुसार ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में भगवान नंदी हैं। नंदी जी के सामने व्यास का तहखाना है। इसी जगह साल 1993 तक हिंदू पक्ष के लोग पूजा-अर्चना करते थे। विवाद के चलते नवंबर 1993 में राज्य सरकार ने पूजा बंद करवा दी थी। उस समय समाजवादी पार्टी की सरकार थी। फिलहाल 31 सालों से इसमें किसी को जाने की अनुमति नहीं है। हाल ही में कोर्ट के निर्देश के बाद एएसआई ने यहां सर्वे किया था। इस सर्वे रिपोर्ट के बाद ही व्यास के तहखाने में अदालत ने पूजा की अनुमति दी है।

मस्जिद को दो चरणों में बनाया गया है

सर्वे रिपोर्ट के बाद व्यास के तहखाने में साफ-सफाई की गई है। एएसआई ने यह रिपोर्ट अदालत के समक्ष जमा करवाई है। जानकारी के अनुसार इस रिपोर्ट में स्पष्ट किया गा है कि ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का निर्माण 16वीं शताब्दी में किया गया था। इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी साफ किया गया है कि यहां पुराने ढांचे के ऊपर ही मस्जिद को बनाई  गई है। रिपोर्ट के अनुसार इस मस्जिद को दो चरणों में बनाया गया है। जिसमें पहले पश्चिमी दिशा में गुंबद और मीनार बने। फिर आगे का निर्माण किया गया।

ये भी पढ़ें: Gyanvapi: सुबह 3 बजे से लगी श्रद्धालुओं की लाइन, अभी नहीं खुला ‘व्यास का तहखाना’, जानें ताजा अपडेट

First published on: Feb 01, 2024 10:35 AM

संबंधित खबरें