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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

Gyanvapi: सुबह 3 बजे से लगी श्रद्धालुओं की लाइन, अभी नहीं खुला ‘व्यास का तहखाना’, जानें ताजा अपडेट 

Gyanvapi News: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के आसपास बड़ी संख्या में सुबह 3 बजे से लोग एकत्रित होने लगे हैं। यहां स्थानीय प्रशासन कोर्ट के ऑर्डर के बाद व्यवस्था करने में जुटा है।

Gyanvapi News Latest Update: ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के आसपास गुरुवार सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग पहुंचने लगे हैं। लोगों की भीड़ को कंट्रोल रखने के लिए यहां भारी तादाद में दलबल तैनात हैं। मस्जिद परिसर के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है। यहां अतिरिक्त बल ने घेराबंदी कर लोगों को परिसर से कुछ मीटर पहले रोक दिया है। एडवोकेट सोहन लाल आर्य ने कहा-परिसर में फिलहाल सभी बंदोबस्त कर दिए गए हैं। लेकिन अभी लोगों के लिए व्यास का तहखाना नहीं खोला गया है। एडवोकेट सोहन लाल आर्य ने कहा-ज्ञानवापी में पूजा की अनुमति मिलना हमारे लिए गर्व का विषय है।

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परिसर में अरेजमेंट किए जा रहे

जानकारी के अनुसर गुरुवार तड़के करीब 3 बजे से लोग ज्ञानवापी मस्जिद परिसर पहुंचने लगे थे। लोग कोर्ट के ऑर्डर के बाद अंदर पूजा-अर्चना करना चाहते हैं। मौके पर लोग ‘हर-हर महादेव’ के नारे लगा रहे हैं। फिलहाल स्थानीय प्रशासन और पुलिस तहखाना खोलने में जल्दबाजी नहीं करना चाहता है। वाराणसी जिला प्रशासनके अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। लोगों की भीड़ को देखते हुए उनके मस्जिद परिसर में अंदर तहखाने तक जाने और बाहर निकलने समेत सभी अरेजमेंट किए जा रहे हैं।

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बैरिकेडिंग में किया गया बदलाव 

ज्ञानवापी मामले पर हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने कहा-वाराणसी कोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने बैरिकेडिंग में बदलाव किया है। उनका कहना था कि रात में तहखाना में दैनिक पूजा शुरू हो गई है। आगे यह पूजा जारी रहेगी। जल्द ही सभी इंतजाम कर लिए जाएंगे।

ये भी पढ़ें: ज्ञानवापी मामला: व्यास जी के तहखाने में होगी पूजा, 1993 के बाद अब मिली इजाजत

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सात दिन के भीतर होंगे सभी इंतजाम

जानकारी के अनुसर वाराणसी के ज्ञानवापी मामले में बुधवार को जिला अदालत ने बड़ा फैसला दिया है। अदालत ने व्यास के तहखाने में पूजा की परमिशन दे दी है। बता दें साल 1993 से यहां पूजा करने पर रोक लगा दी गई थी। अदालत ने अपने ऑर्डर में स्पष्ट कहा है कि तहखाना समेत परिसर में सात दिन के भीतर पूजा के सभी इंतजाम पूरे हो जाने चाहिए। अदालत में हिंदू पक्ष ने याचिका दायर की थी। जिसमें तहखाने में पूजा की अनुमति मांगी गई थी। इससे पहले 17 जनवरी को जिला प्रशासन ने परिसर में अपने कब्जे में लिया था।

First published on: Feb 01, 2024 09:39 AM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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