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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

हाथ पर ‘I Love You Mom’ का टैटू और आंखों में आंसू, मजबूर छात्र आयुष की कहानी… जिसने मां के लिए बेची किडनी

कानपुर के किडनी कांड में फंसे एमबीए छात्र आयुष की दर्दभरी कहानी सामने आई है. मजबूरी में किडनी बेचने वाला यह छात्र आईसीयू में भी अपनी मां की फिक्र में डूबा है.

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Written By: Raja Alam Updated: Apr 2, 2026 14:46

कानपुर के सनसनीखेज किडनी कांड में एमबीए छात्र आयुष कुमार की दर्दभरी दास्तान सामने आई है. आईसीयू में भर्ती आयुष को अपने शरीर के जख्मों से ज्यादा इस बात का डर सता रहा है कि उसकी मां को सच पता न चल जाए. वह बार-बार अपने हाथ पर बने ‘I Love You Mom’ के टैटू को सहलाते हुए पुलिस से बस यही मिन्नत कर रहा है कि उसकी मां को इस बारे में कुछ मत बताना क्योंकि वह यह सदमा नहीं सह पाएंगी. आयुष की हालत अब स्थिर है, लेकिन मानसिक रूप से वह बुरी तरह टूटा हुआ है और परिवार का जिक्र आते ही उसकी आवाज कांपने लगती है.

पिता के साये के बाद बढ़ीं घर की जिम्मेदारियां

आयुष के जीवन में मुसीबतों का पहाड़ तब टूटा जब उसके पिता का निधन हो गया और घर की पूरी जिम्मेदारी उसके कंधों पर आ गई. परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब थी और घर की जमीन पहले से ही गिरवी रखी जा चुकी थी. पढ़ाई का खर्च उठाना उसके लिए नामुमकिन होता जा रहा था और पिछले दो महीनों से वह अपनी फीस भी जमा नहीं कर पा रहा था. उसने बैंक से लोन लेने की कोशिश की और कई जगह मदद मांगी, लेकिन जब हर तरफ से दरवाजे बंद हो गए, तो उसने मजबूरी में यह खौफनाक कदम उठाया. घर से वह यह कहकर निकला था कि उसे कानपुर में नौकरी मिल गई है.

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ठगी के जाल से किडनी रैकेट तक का सफर

पैसों की तंगी दूर करने के लिए आयुष पहले साइबर ठगों के चंगुल में भी फंसा था. उसने पैसे कमाने के लालच में ‘म्यूल अकाउंट’ तक खुलवाया, लेकिन वहां से उसे कोई फायदा नहीं हुआ. आखिर में वह किडनी बेचने वाले इस गिरोह के संपर्क में आ गया जिसने उसे मोटी रकम का लालच दिया. अब पुलिस की पूछताछ में आयुष ने बताया है कि उसे पूरी रकम भी नहीं मिली और वह बाकी के पैसों की मांग कर रहा है. देहरादून से आई उसकी एक दोस्त ने भी उससे मुलाकात की और इस आत्मघाती फैसले पर नाराजगी जताई, लेकिन आयुष की सबसे बड़ी फिक्र अब भी उसकी मां ही बनी हुई है.

कई शहरों में पुलिस की छापेमारी और जांच तेज

कानपुर पुलिस इस पूरे किडनी रैकेट की जड़ें खोदने में जुटी है और इसकी जांच के तार लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक फैल चुके हैं. फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और कई अहम सुराग हाथ लगे हैं. आयुष के परिवार को मामले की सूचना दे दी गई है और उसकी मां लगातार अपने बेटे से मिलने की जिद कर रही हैं. अस्पताल के कर्मचारी और पुलिसकर्मी भी आयुष की बेबसी देखकर भावुक हैं क्योंकि वह हर आने-जाने वाले से बस यही गुहार लगा रहा है कि उसकी मां को इस गुनाह की सच्चाई न बताई जाए.

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First published on: Apr 02, 2026 02:46 PM

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