ग्रेटर नोएडा के 30 गांवों में विदेशी नस्ल के कुत्तों का आतंक, पिटबुल से सहमे लोग

Uttar Pradesh Noida News : ग्रेटर नोएडा में आवारा कुत्तों के बाद अब विदेशी नस्ल के पिटबुल से लोग दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि पिटबुल डॉगी की वजह से ग्रेटर नोएडा के 30 से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है। लोगों ने अथॉरिटी और जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की है।

pit bull

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Uttar Pradesh Greater Noida News (जुनेद अख्तर) : ग्रेटर नोएडा के ग्रामीण क्षेत्रों में विदेशी नस्ल के कुत्तों का आतंक है। ग्रामीण इन कुत्तों से दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में इन कुत्तों को पालने का चलन तेजी से बढ़ा है। इनमें सबसे ज्यादा पिटबुल नस्ल के कुत्ते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पिटबुल कई बार उन पर हमला कर उन्हें घायल कर चुके हैं। अथॉरिटी और प्रशासन से कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं, लेकिन आज तक कुछ नहीं हुआ।

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इन गांवों में लोगों में दहशत 

जानकारी के मुताबिक, इमलिया, गिरधरपुर, देवला, कैलाशपुर, तिलपता, देवटा, नवादा, मायचा, दादरी, बादलपुर, जेवर और रबूपुरा क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों में लोग विदेशी नस्ल के कुत्ते पाल रहे हैं। इन कुत्तों के हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बाद से लोग दहशत में हैं। लोगों ने इन कुत्तों को देखकर घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। लोगों का कहना है कि कुत्ते के मालिक टशन में इन खूंखार डॉगी को लेकर बेधड़क रास्तों में घूमते हैं। कई बार डॉगी के मालिकों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह नहीं मानते। उन्होंने इसकी शिकायत अथॉरिटी और प्रशासन से की है।

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मासूम पर पिटबुल ने किया हमला

देवटा गांव की रहने वाली मिंटी भाटी ने बताया कि करीब एक साल पहले उनके 11 वर्षीय बेटे पर पड़ोसी के पिटबुल ने हमला कर दिया था। इस हमले में उनके बेटे का चेहरा बुरी तरह घायल हो गया था। आज भी उसके चेहरे पर हमले के निशान मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि गांव में कई लोग पिटबुल कुत्ता पाल रहे हें। जबकि इस पालना गैरकानूनी है। इसके बाद भी इसे पाला जा रहा है। वह खुद कई बार इसकी शिकायत कर चुके हैं।

लोगों के लिए बन रहे खतरा

ग्रेटर नोएडा के अन्य गांव के रहने वाले दिनेश नागर, तरुण तिवारी, सुंदर, विनीत नागर, राकेश और त्रिलोक नवादा का कहना है कि पिटबुल समेत विदेशी नस्ल के कुत्तों की वजह से लोग दहशत में रहते हैं। जब इनके मालिक इन्हें बाहर लेकर निकलते हैं तो लोग घरों में कैद हो जाते हैं। दिनेश नागर का कहना है कि विदेशी नस्ल के कुत्तों के मालिकों के लिए प्रशासन को गाइडलाइन जारी करनी चाहिए। उनका मानना है कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो इन कुत्तों की बढ़ती संख्या लोगों के लिए खतरा बन सकती है।

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सख्त नियम से मिल सकती है राहत

लोगों का कहना है कि एक तरफ जहां आवारा कुत्तों का आतंक है, वहीं अब विदेशी नस्ल के कुत्तों से भी खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों की मांग है कि इन कुत्तों के रखरखाव और नियंत्रण के लिए सख्त नियम बनाए जाएं। लोगों का कहना है कि अथॉरिटी और प्रशासन को मिलकर इस मामले में कार्रवाई करनी चाहिए। जिससे इन पर शिकंजा कसा जा सके।

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