Dinesh Sharma Appointed Andaman-Nicobar Lt Governor: बीजेपी के राज्यसभा सांसद और यूपी के वरिष्ठ नेता दिनेश शर्मा को अंडमान-निकोबार द्वीप समूह का नया उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है. राष्ट्रपति भवन ने शनिवार 5 सितंबर 2026 को इस फैसले का ऐलान किया गया. वो एडमिरल डीके जोशी (रिटायर्ड) की जगह लेंगे, जो अक्टूबर 2017 से इस केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल के रूप में सेवा दे रहे थे.
यूपी में दिनेश शर्मा का राजनीतिक करियर
62 साल के बीजेपी नेता को उत्तर प्रदेश की राजनीति में काफी ज्यादा तजुर्बा है. उन्होंने 2017 और 2022 के बीच योगी आदित्यनाथ की पहली सरकार में उपमुख्यमंत्री के तौर पर काम किया. अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने माध्यमिक शिक्षा, उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, तथा सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे अहम विभागों को संभाला. वो मौजूदा वक्त में राज्यसभा सदस्य हैं और उनका कार्यकाल 25 नवंबर को खत्म होने वाला है. वो राज्यसभा के उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम कर रहे हैं.
2027 के यूपी चुनावों से पहले नियुक्ति
दिनेश शर्मा की नियुक्ति के टाइमिंग ने राजनीतिक गलियारों में ध्यान आकर्षित किया है क्योंकि यूपी में 2027 की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं. इसलिए ज्यादातर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स इस कदम को राज्य चुनावों के लिए बीजेपी की तैयारियों के तौर पर देख रहे हैं. पार्टी ने हाल ही में यूपी में संगठनात्मक बदलाव किए हैं, जिसमें राज्य के 8 नेताओं को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में शामिल किया गया है. इन कदमों को संगठन को मजबूत करने और पार्टी की पहुंच बढ़ाने की कोशिशों के तौर पर देखा जा रहा है.
ब्राह्मण वोट बैंक पर नजर
दिनेश शर्मा को यूपी बीजेपी की राजनीति में एक खास ब्राह्मण नेता माना जाता है. जाति और समुदाय के प्रतिनिधित्व पर चर्चा के बीच उनकी नई संवैधानिक नियुक्ति भी अहम हो सकती है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी 2027 के चुनावों से पहले अलग-अलग सोशल ग्रुप्स के बीच रिप्रेजेंटेशन को बैलेंस करते हुए अपने पारंपरिक अपर कास्ट वोट बैंक को बनाए रखने की कोशिश कर रही हो सकती है.
बीजेपी लगाएगी जीत की हैट्रिक
बीजेपी इस राज्य में जीत की हैट्रिक लगाने का मन बना रही है, सीएम योगी आदित्यनाथ के लिए भी ये एक बड़ा टेस्ट होगा क्योंकि विपक्षी पार्टियों से उन्हें बड़ी चुनौती मिल रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने 37 सीट और कांग्रेस ने 6 सीट जीती थी, वहीं बीजेपी 33 सीट पर ही कब्जा जमा पाई थी. अब भाजपा को अपने विरोधियों से उस हार का बदला भी लेना है, ऐसे में दिनेश शर्मा की नियुक्ति बेहद अहम मानी जा रही है.