Nainital News: उत्तराखंड के नैनीताल में बने जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क (Corbett National Park) में सफारी के दौरान मोबाइल फोन पर बैन लगा दिया है. सुप्रीम कोर्ट के वन्यजीवों की सुरक्षा के आदेश के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया है. सभी को अपने फोन को गेट पर जमा करने होंगे. पार्क प्रशासन ने कहा कि अक्सर देखा है कि सफारी के दौरान पर्यटक मोबाइल फोन पर तेज आवाज में म्यूजिक बजाते हैं. इससे न केवल जंगल का सन्नाटा भंग होता है, बल्कि वन्यजीवों के व्यवहार पर भी नकारात्मक असर पड़ता है. कई बार बाघों की लोकेशन फोन के जरिए साझा करने से वहां पर्यटकों की भारी भीड़ जमा हो जाती है, जो सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है.
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (CTR) के उप निदेशक राहुल मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश अनुसार सफारी के दौरान मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है. प्रशासन इन्हीं दिशा-निर्देशों को लागू करवाने की दिशा में काम कर रहा है.
Corbett National Park, Uttarakhand: Deputy Director, Corbett Tiger Reserve (CTR) Rahul Mishra says, "The Honorable Supreme Court, has delivered a decision in which it has issued guidelines. In those guidelines, it has clearly mentioned that the use of Mobile phones during safari… pic.twitter.com/7hjAxqIbrC
— IANS (@ians_india) January 9, 2026
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क्या कैमरा ले जाने की अनुमति है?
पर्यटकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वे फोटो नहीं खींच पाएंगे? प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रोफेशनल डिजिटल कैमरा और वीडियो कैमरा ले जाने की अनुमति पहले की तरह बनी रहेगी और मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. मोबाइल की स्क्रीन में उलझने के बजाय पर्यटक अब अपनी आंखों से प्रकृति का असली आनंद ले सकेंगे. कॉर्बेट प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सफारी गेट पर चेकिंग के दौरान यदि किसी पर्यटक के पास मोबाइल पाया जाता है, तो उसे जमा करना होगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले पर्यटकों और संबंधित गाइड या ड्राइवर पर भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
पर्यटकों के लिए नई गाइडलाइंस
गाइडलाइंस में मोबाइल फोन पर पाबंदी को लेकर पार्क प्रशासन ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और जंगल की शांति बनाए रखने के लिए यह कड़ा कदम उठाया है. इसके अलावा जंगल सफारी के दौरान शोर मचाना प्रतिबंधित है. साथ ही, वन्यजीवों की सटीक लोकेशन को रियल-टाइम में साझा करना अपराध की श्रेणी में आएगा. गाइडलाइंस का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को ‘डिजिटल डिटॉक्स’ देना और वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में बिना किसी परेशानी के रहने देना है.
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