---विज्ञापन---

‘योगी कभी भोगी नहीं हो सकता’, शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद ने यूपी के मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

शंकराचार्य ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के अपेडा में इस का आंकड़ा मौजूद है, अगर यह उत्तर प्रदेश में पशु हत्या का लाइसेंस दे सकते हैं तो यह कैसे योगी हैं, इन्होंने ही अपने हाथ से हस्ताक्षर करके लाइसेंस दिए हैं. पढ़िये बस्ती से वसीम अहमद की रिपोर्ट.

---विज्ञापन---

शंकराचार्य अभिमुक्तेश्वरानंद बस्ती जीआईसी ग्राउंड में एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे, मंच से उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि योगी कभी भोगी नहीं हो सकता, वह सरकारी वेतन लेते हैं तो वह वेतन भोगी हैं, वहीं उन्होंने कहा कि जब मैने रिसर्च किया तो पता चला कि जब से योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने हैं तब से 16 करोड़ पशु मारे गए हैं.

शंकराचार्य ने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश के अपेडा में इस का आंकड़ा मौजूद है, अगर यह उत्तर प्रदेश में पशु हत्या का लाइसेंस दे सकते हैं तो यह कैसे योगी हैं, इन्होंने ही अपने हाथ से हस्ताक्षर करके लाइसेंस दिए हैं, व्यापार इच्छा से होता है अगर यह चाहे कि हमको यह व्यापार नहीं करना है तो बंद कर सकते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार इस का व्यापार कर रही है तक उस के पास ज्यादा से ज्यादा पैसा आए ताकि हम उत्तर प्रदेश की जनता के लिए ज्यादा से ज्यादा व्यवस्था कर सकें.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: यूपी : लखीमपुर में बोनट पर लटके शख्स को 4 KM तक घसीटा, 100 की स्पीड और वाइपर के सहारे टिकी जान

उन्होंने आगे कहा कि योगी बनने के बाद वह मुख्यमंत्री बने हैं जो सांसारिक पद है और योगी सांसारिक पद नहीं संभाल सकता है, धार्मिक और सांसारिक पद दोनों एक साथ रहना नियम विरुद्ध है इस लिए मैंने कहा कि एक पद चुन लीजिए अगर मुख्यमंत्री रहना है तो कुर्ता पायजामा पहन लीजिए, इस लिए हम दो पदों का विरोध करते हैं यह आगे चल कर नजर बन जाएंगे आने वाले समय में जो यह बच्चे सन्यासी बन रहे हैं वह व्यापार करेंगे, राजनीति करेंगे, इस लिए मैं दो पदों का विरोध करता हूं.

---विज्ञापन---
First published on: Mar 29, 2026 10:14 PM

End of Article

About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola