उत्तराखंड के चमोली में हुए सुरंग हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई है और 10 लोग नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. फंसे लोगों की तलाश जारी है. 10 घायलों को जिला अस्पताल गोपेश्वर और पीपल कोटी में भर्ती कराया गया है. एक घायल अस्पताल से डिस्चार्ज हो गया है. NDRF के असिस्टेंट कमांडेंट आलोक जायरा के अनुसार, आज भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहेगा. सुरंग में गले तक पानी भरने, दलदल-गाद और ऑक्सीजन की कमी के कारण रात को ऑपरेशन रोकना पड़ा था.

अलकनंदा नदी पर बन रही सुरंग में हादसा

उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (THDC) लिमिटेड अलकनंदा नदी पर विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत प्रोजेक्ट लगा रही है. हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी (HCC) के पास निर्माण का ठेका है और इसी प्रोजेक्ट के तहत 3.5 किमी लंबी टनल बनाई जा रही थी. 444 मेगावाट के प्रोजेक्ट का 70 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है. लेकिन सुरंग में 1.8 किमी के अंदर जब हादसा हुआ., तब सुरंग में ग्रेविटी पर पैकिंग का काम चल रहा था.

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धमाका होने के बाद पानी और मलबा आया

बीत दिन 13 अगस्त को शाम पौने 7 बजे के करीब जोरदार धमाका हुआ और पानी के साथ मलबा सुरंग में भरने लगा. 25 से ज्यादा मजदूर हादसे के वक्त सुरंग में काम कर रहे थे, जो फंस गए हैं. ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड और छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं. प्रत्यक्षदर्शी निस्तरा भिंगरा निवासी झारखंड ने बताया कि धमाका होते ही पानी और मलबा आने लगा. इससे पहले की कोई संभल पाता, सब इधर-उधर गिर गए. वे तैरते हुए बाहर आने का प्रयास कर रहे थे कि मलबे में धंस गए.

NDRF-CISF-ITBP सेना का रेस्क्यू ऑपरेशन

बता दें कि हादसे की खबर मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा मोचन बल (NDRF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और अन्य एजेंसियां मौके पर पहुंची. सभी ने मिलकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया. रुद्रप्रयाग से भी NDRF की टीम मौके पर पहुंचे. हादसे वाली जगह पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस और भारतीय सेना की टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में लगी हैं. जिलाधिकारी गौरव कुमार भी मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन को लीड किया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सीधे हादसे पर नजर रख रहे हैं.

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