Brij Bhushan Sharan Singh Election Retirement : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह बड़े नेता माने जाते हैं, लेकिन इस बार भारतीय जनता पार्टी ने उनका टिकट काट दिया। पार्टी ने कैसरगंज लोकसभा सीट से उनके बेटे करण भूषण को उम्मीदवार बनाया है। चुनावी मैदान में भले ही नाम करण भूषण का है, लेकिन बृजभूषण चुनाव लड़ रहे हैं। बृजभूषण सिंह ने राजनीति से संन्यास क्यों लिया? इसे लेकर उन्होंने बड़ा खुलासा किया है।
बृजभूषण सिंह ने चुनाव नहीं लड़ने का किया ऐलान
भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और कैसरगंज से सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने एक साक्षात्कार में बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि अब वे जीवन में कभी भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। उनके पास करने के लिए कई काम हैं, लेकिन वे कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। आपको बता दें कि भाजपा लोकसभा चुनाव में राजपूत समाज को नाराज नहीं करना चाहती थी, इसलिए पार्टी ने बृजभूषण की जगह उनके बेटे पर दांव लगाया।
सीएम योगी का बताया अच्छा मित्र
बृजभूषण सिंह ने पीएम नरेंद्र मोदी को अपना नेता और सीएम योगी आदित्यनाथ को अपना मित्र बताया। उन्होंने कहा कि वे और सीएम योगी एक ही गुरु के शिष्य हैं। योगी घोषित शिष्य हैं। हम दोनों एक अच्छे दोस्त हैं। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि इस बार उनके बेटे सांसद बनेंगे। संयोग देखिए, वे भी 33 साल की आयु में सांसद बने थे और अब उनके बेटे भी इसी उम्र में लोकसभा सदस्य बनेंगे।
साजिश के तहत बेटे को बनाया गया उम्मीदवार
भाजपा नेता बृजभूषण सिंह ने बेटे करण भूषण को टिकट देने पर कहा कि यह एक तरह की साजिश है। वे बेटे को कुश्ती संघ के अध्यक्ष का चुनाव लड़ाना चाहते थे, लेकिन उन्हें रोकने के लिए यह साजिश रची गई। उन्होंने 6 बार सांसद बनने के बाद भी मंत्री नहीं बनने के सवाल पर कहा कि उनके ऊपर शुरू से ही बाहुबली होने का आरोप मढ़ा गया, जिससे यह नुकसान उठाया पड़ा, लेकिन देश में उन्हें जो सम्मान मिला है, वो बहुत कम लोगों को मिलता है।