आकाश आनंद BSP से बाहर, ससुर ने लिया संन्यास; मायावती बोलीं- देर आये दुरुस्त आये

बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से बाहर कर दिया है. इससे ठीक पहले आकाश के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने भी राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया था.

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आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से सन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. (फोटो- X/ INSTAGRAM)

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है. पार्टी प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को बसपा से निष्कासित कर दिया है. बताया जा रहा है कि आकाश के ससुर और पार्टी के पूर्व नेता अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से दूरी बनाने के ऐलान के बावजूद मायावती की नाराजगी खत्म नहीं हुई. मायावती ने आकाश आनंद को पार्टी से हटाए जाने के फैसले को लेकर एक 10 प्वाइंट्स वाला नोट जारी किया है. इसमें उन्होंने फैसले की वजहों का विस्तार से जिक्र किया है. साथ ही आकाश आनंद को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं.

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अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास

बसपा सुप्रीमो मायावती के भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर अपने राजनीतिक संन्यास की जानकारी दी. अशोक सिद्धार्थ ने लिखा कि वह तत्काल प्रभाव से राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहे हैं. उन्होंने अपने संदेश में मायावती के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनका जीवन बहनजी का ऋणी है और उनके लिए राजनीति छोड़ना बहुत छोटी बात है. उन्होंने यहां तक कहा कि अगर बहनजी के लिए जान भी देनी पड़े तो वह इसे अपने लिए गर्व की बात मानेंगे.

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अशोक सिद्धार्थ का यह फैसला मायावती के उस बयान के एक दिन बाद आया है, जिसमें उन्होंने आकाश आनंद की बसपा में वापसी को लेकर एक शर्त रखी थी. मायावती ने बुधवार को ‘X’ पर पोस्ट करते हुए कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ अपने दामाद आकाश आनंद का राजनीतिक भविष्य बेहतर करना चाहते हैं तो उन्हें राजनीति से पूरी तरह अलग हो जाना चाहिए. मायावती के मुताबिक, ऐसा होने के बाद ही आकाश को पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने का मौका मिल सकेगा.

मायावती ने अपने पोस्ट में लगाए थे आरोप

मायावती ने अपने पोस्ट में अशोक सिद्धार्थ पर परिवार के हितों को प्राथमिकता देने का आरोप भी लगाया था. उन्होंने कहा था कि आकाश आनंद अपने ससुर के स्वार्थपूर्ण रवैये की वजह से नुकसान उठा रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने साफ संकेत दिया था कि आकाश को पार्टी में दोबारा सक्रिय भूमिका तभी मिल सकती है, जब उनके ससुर राजनीति से संन्यास लें.

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मायावती की इस सार्वजनिक टिप्पणी के कुछ ही समय बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति छोड़ने का ऐलान कर दिया. उनके इस फैसले को आकाश आनंद की बसपा में संभावित वापसी से जोड़कर देखा जा रहा है.

आकाश आनंद बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे हैं और पार्टी में युवा चेहरे के तौर पर उन्हें आगे बढ़ाया गया था. हालांकि, पार्टी नेतृत्व के साथ मतभेदों के चलते उन्हें पहले जिम्मेदारियों से दूर किया गया था. अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. अशोक सिद्धार्थ के संन्यास के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि बसपा में आकाश आनंद की भूमिका किस तरह तय होती है.

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मायावती ने दिया अशोक सिद्धार्थ के ट्वीट पर दिया जवाब

मायावती का अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने के बाद ताजा बयान सामने आया है. उन्होंने एक पोस्ट में लिखा, अशोक सिद्धार्थ द्वारा राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा अति-देर से उठाया गया यह सही कदम है. वैसे लोगों का यही कहना है कि अगर यह फैसला वे काफी पहले ही ले लेते तो बी.एस.पी., बहुजन समाज व बहुजन मूवमेन्ट तथा उनके दामाद आकाश आनन्द को भी लगातार विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता और ना ही मुझे विधानसभा आमचुनाव एवं खासकर यूपी में पांचवीं बार सरकार बनाने की जबरदस्त तैयारियों के बीच, पार्टी व मूवमेन्ट के व्यापक हित के मद्देनजर इनके बारे में कई बार कड़े फैसले लेने आदि की जरूरत पड़ती.

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2 अगस्त को भी पार्टी से निकाले गए थे अशोक सिद्धार्थ

अशोक सिद्धार्थ के लिए बसपा से दूरी बनाने का यह पहला मौका नहीं है. मायावती ने इसी साल 2 अगस्त को उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया था. उस समय बसपा सुप्रीमो ने कहा था कि कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद अशोक सिद्धार्थ ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया. मायावती ने यह भी स्पष्ट किया था कि अब उन्हें दोबारा पार्टी में जगह नहीं दी जाएगी. करीब डेढ़ साल के भीतर यह दूसरी बार था, जब अशोक सिद्धार्थ को बसपा से निष्कासित किया गया.

इससे पहले 2025 में पार्टी संगठन में गुटबाजी के आरोपों के चलते अशोक सिद्धार्थ और उनके करीबी माने जाने वाले नितिन सिंह पर कार्रवाई की गई थी. मायावती ने तब दोनों नेताओं पर पार्टी के खिलाफ गतिविधियों और साजिश में शामिल होने का आरोप लगाया था. हालांकि, करीब छह महीने बाद अशोक सिद्धार्थ की बसपा में फिर से वापसी हो गई थी.

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पार्टी में लौटने के बाद अशोक सिद्धार्थ का कद एक बार फिर बढ़ा. फरवरी 2026 में उन्हें बसपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की सूची में सबसे प्रमुख स्थान दिया गया था. हालांकि, कुछ ही समय बाद पार्टी नेतृत्व के साथ उनके रिश्तों में दोबारा खटास की स्थिति बनी और अगस्त में उन्हें फिर निष्कासित कर दिया गया.

अब मायावती की ओर से आकाश आनंद को लेकर रखी गई शर्त के बाद अशोक सिद्धार्थ ने खुद राजनीति से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है. ऐसे में उनके राजनीतिक सफर और बसपा के भीतर उनकी भूमिका को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है.

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यूपी समेत तीन राज्यों में होने हैं चुनाव

मायावती ने अपने बयान में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में होने वाले विधानसभा चुनावों को लेकर पार्टी की तैयारियों और प्राथमिकताओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि तीनों राज्यों में चुनाव अब ज्यादा दूर नहीं हैं और बहुजन समाज पार्टी के लिए इनका खास महत्व है.

बसपा प्रमुख ने कहा, इन राज्यों में चुनाव पार्टी के बहुजन आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों के अनुरूप बहुजन समाज को सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में पार्टी लगातार काम कर रही है.

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मायावती ने कहा कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए बसपा के कार्यकर्ता, पदाधिकारी, समर्थक और पार्टी से जुड़े शुभचिंतक पूरी ताकत के साथ संगठन को मजबूत करने में जुटे हैं. उनका लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करते हुए सत्ता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ना है. उन्होंने कार्यकर्ताओं से चुनावी अभियान को मिशन की तरह लेकर पूरी मेहनत करने की अपील की.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

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वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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