लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उस समय फुलटाइम इमरजेंसी घोषित कर गई जब ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ को एअर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट से एक ‘मेडे कॉल’ मिला. एआई एक्सप्रेस का विमान आईएक्स-1523 बागडोगरा से दिल्ली जा रहा था. विमान अम्बेडकर नगर जिले के घाघरा नदी के ऊपर 36,000 फुट की ऊंचाई पर उड़ान भर रहा था, तभी केबिन के एवियोनिक पैनलों से धुएं का संदेह होने पर पायलटों ने तत्काल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को सूचित किया. सावधानी के तौर पर मेडे कॉल के साथ ही ऑक्सीजन मास्क गिरा दिए गए, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई.
घटना दोपहर करीब चार बजकर 58 मिनट पर घटी. पायलटों ने केबिन में धुएं की आशंका जताई, जिसके जवाब में आपात प्रक्रिया शुरू हो गई. यात्रियों ने बताया कि ऑक्सीजन मास्क का अचानक गिरना और मेडे कॉल सुनते ही भय का माहौल बन गया. केबिन क्रू ने शांतिपूर्वक यात्रियों को मास्क लगाने का निर्देश दिया और सुरक्षित लैंडिंग का आश्वासन दिया. विमान को लखनऊ की ओर डायवर्ट किया गया, जहां शाम पांच बजकर 17 मिनट पर सुरक्षित लैंडिंग हुई.
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हवाईअड्डे पर फायर, मेडिकल एवं रेस्क्यू टीमें पहले से तैयार खड़ी थीं. सभी 148 यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित उतारे गए और टर्मिनल-3 में ले जाए गए. अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी यात्री को कोई चोट नहीं लगी. एयरपोर्ट फायर विभाग एवं तकनीकी टीमों ने विमान की गहन जांच की, लेकिन धुआं या आग का कोई निशान नहीं मिला. फिर भी सुरक्षा के मद्देनजर विमान को ग्राउंड कर दिया गया है. यह तभी उड़ान भर सकेगा जब विस्तृत तकनीकी जांच एवं एयरवर्थीनेस सर्टिफिकेट जारी हो जाएगा.
यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों पर भेजा गया, जबकि कुछ को रात गुजारने के लिए होटलों में स्टे दिया गया है और अगली फ्लाइट्स की बुकिंग का आश्वासन दिया गया. ट्रैवलर हेमरॉन माइकल ने सोशल मीडिया पर मास्कों की फोटो शेयर कर यात्रा व्यवस्था पर नाराजगी जताई. लखनऊ इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के अधिकारियों ने कहा कि ऐसी स्थितियों में सतर्कता प्रक्रियाएं यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं.
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