---विज्ञापन---

राजस्थान में पंचायत और निकाय चुनाव का रास्ता साफ, हाईकोर्ट में सरकार ने पेश किया पूरा रोडमैप

राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों का विस्तृत कार्यक्रम पेश किया.

---विज्ञापन---

राजस्थान में लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पंचायत राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने राजस्थान हाईकोर्ट में चुनाव का पूरा रोडमैप पेश कर दिया है. इसके तहत 15 नवंबर तक प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे. चुनाव कार्यक्रम सामने आने के बाद हाईकोर्ट ने इस मामले से जुड़ी याचिका का निस्तारण कर दिया है और साफ कहा है कि तय समयसीमा के भीतर ही चुनाव प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

राजस्थान हाईकोर्ट में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों का विस्तृत कार्यक्रम पेश किया. सरकार ने बताया कि ओबीसी आरक्षण को लेकर गठित आयोग 5 अगस्त तक अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगा. इसके बाद 6 अगस्त से 15 अगस्त के बीच सीटों के आरक्षण और लॉटरी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. 17 अगस्त को नगरीय निकाय चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी होगा, जबकि 22 अगस्त से नामांकन प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

---विज्ञापन---

सरकार के अनुसार, 20 सितंबर तक निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी. सुनवाई के बाद संयम लोढ़ा ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार चुनाव टालना चाहती थी, लेकिन हाईकोर्ट की सख्ती के चलते उसे कार्यक्रम घोषित करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार ‘एक देश-एक चुनाव’ की वकालत करती है, तो पंचायत और निकाय चुनाव एक साथ क्यों नहीं कराए जा रहे.

सरकार ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि 23 सितंबर को पंचायत चुनावों की अधिसूचना जारी होगी और 15 नवंबर तक पंचायत चुनाव भी पूरे करा लिए जाएंगे. चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायमूर्ति संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने याचिका का निस्तारण करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी परिस्थिति में अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा और सरकार व आयोग को तय समयसीमा में ही चुनाव संपन्न कराने होंगे. दरअसल, कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा समेत अन्य याचिकाकर्ताओं ने पंचायत और निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

---विज्ञापन---

करीब डेढ़ साल से लंबित पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की तारीखें सामने आने के साथ ही अब प्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है.

First published on: Jul 20, 2026 10:25 PM

End of Article
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola