---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

25 рд▓рд╛рдЦ рдореЗрдВ рдмрд┐рдХ рд░рд╣рд╛ рдерд╛ тАШрдбреЙрдХреНрдЯрд░тАЩ рдмрдирдиреЗ рдХрд╛ рд▓рд╛рдЗрд╕реЗрдВрд╕, рд░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди рдореЗрдВ рдлрд░реНрдЬреА рдореЗрдбрд┐рдХрд▓ рд░реИрдХреЗрдЯ рдХрд╛ рднрдВрдбрд╛рдлреЛрдбрд╝

рд░рд╛рдЬрд╕реНрдерд╛рди рдореЗрдВ рдлрд░реНрдЬреА FMGE рд╕рд░реНрдЯрд┐рдлрд┐рдХреЗрдЯ рдХреЗ рдЬрд░рд┐рдП рдбреЙрдХреНрдЯрд░ рдмрдиреЗ рдЧрд┐рд░реЛрд╣ рдХрд╛ SOG рдиреЗ рднрдВрдбрд╛рдлреЛрдбрд╝ рдХрд┐рдпрд╛ рд╣реИ, рдЬрд┐рд╕рдореЗрдВ RMC рдХреЗ рдЕрдзрд┐рдХрд╛рд░реА рднреА рд╢рд╛рдорд┐рд▓ рдкрд╛рдП рдЧрдП. рдЗрд╕ рдорд╛рдорд▓реЗ рдореЗрдВ 90 рд╕реЗ рдЬреНрдпрд╛рджрд╛ рд╕рдВрджрд┐рдЧреНрдз рдбреЙрдХреНрдЯрд░ рдЪрд┐рдиреНрд╣рд┐рдд рд╣реБрдП рд╣реИрдВ рдФрд░ рдХрд░реЛрдбрд╝реЛрдВ рдХреЗ рдлрд░реНрдЬреАрд╡рд╛рдбрд╝реЗ рдХрд╛ рдЦреБрд▓рд╛рд╕рд╛ рд╣реБрдЖ рд╣реИ.

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---

फर्जी FMGE सर्टिफिकेट से बने ‘डॉक्टरों’ पर बड़ा एक्शन: राजस्थान SOG की ताबड़तोड़ रेड, RMC के पूर्व रजिस्ट्रार समेत कई अधिकारी गिरफ्त में, 90 से ज्यादा संदिग्ध डॉक्टर चिन्हित, करोड़ों के खेल का खुलासा राजस्थान में फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के जरिए डॉक्टर बनने वाले गिरोह पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में राजस्थान मेडिकल काउंसिल (RMC) के तत्कालीन रजिस्ट्रार सहित कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि शुरुआती जांच में 90 से अधिक ऐसे “डॉक्टरों” की पहचान हुई है, जिन्होंने फर्जी FMGE (Foreign Medical Graduate Examination) प्रमाण पत्र के आधार पर इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन हासिल किया.

कैसे खुला पूरा मामला?

एसओजी को फर्जी FMGE सर्टिफिकेट की शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच में बड़ा खुलासा हुआ. जांच के दौरान करौली में इंटर्नशिप कर रहे एक आरोपी पीयूष त्रिवेदी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में सामने आया कि उसे फर्जी सर्टिफिकेट दिलाने में कई दलालों और सहयोगियों की भूमिका थी. इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा और एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ.

---विज्ञापन---

RMC के अंदर तक फैला नेटवर्क

जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि राजस्थान मेडिकल काउंसिल के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी इस पूरे खेल में शामिल थे. ये लोग दलालों के साथ मिलकर फर्जी इंटर्नशिप और रजिस्ट्रेशन दिलवाते थे, जिससे बिना वैध योग्यता के लोग डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज कर रहे थे.

20–25 लाख में बिकता था ‘डॉक्टर’ बनने का रास्ता

प्रारंभिक जांच में समाने आया कि हर अभ्यर्थी से 20 से 25 लाख रुपये तक वसूले जाते थे करीब 11 लाख रुपये RMC के अधिकारियों/कर्मचारियों तक पहुंचते थे. बाकी रकम दलालों में बांटी जाती थी. यानी “डॉक्टर” बनने का पूरा सिस्टम पैसों के दम पर खरीदा जा रहा था. जांच में यह भी चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह लोग विदेश की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान फेल हो गए थे लेकिन जो अभ्यर्थी पास हुए थे उनके रोल नंबर को इन्होंने सत्यापन के लिए राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पास अपने नाम से फर्जी मार्कशीट लेकिन पास हुए अभ्यर्थियों के रोल नंबर लगा कर भेज दिए, और आरएमसी के अधिकारियों ने भी केवल रोल नंबर का सत्यापन किया उसे जुड़े बाकी सभी दस्तावेजों की जांच में लापरवाही बरती. इस तरह फेल हो चुके इन विद्यार्थियों का फर्जी तरीके से राजस्थान मेडिकल काउंसिल के पास रजिस्ट्रेशन भी करवा दिया जो कि डॉक्टर की प्रैक्टिस के लिए नहीं है नियमानुसार जरूरी भी था.

---विज्ञापन---

9 जिलों में एक साथ छापेमारी

इस बड़े ऑपरेशन में SOG की 7 टीमों के साथ 9 जिलों की पुलिस की 14 टीमों ने मिलकर कार्रवाई की. जयपुर, उदयपुर, जोधपुर, दिल्ली सहित कई जगहों पर एक साथ दबिश दी गई, जिससे गिरोह को संभलने का मौका तक नहीं मिला. सूजी पहले भी इस मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और राजेश शर्मा नाम का एक मुख्य सूत्र धार्मिक गिरफ्तार हुआ है उसे पूछताछ के दौरान उन लोगों का पता चला जिन्होंने की पैसे देकर फर्जी सर्टिफिकेट बनाए थे जिसके बाद 93 से ज्यादा ऐसे लोग एसओजी की जांच की रडार में आ गए.

निजी अस्पतालों तक पहुंचा फर्जीवाड़ा

उदयपुर से पकड़े गए एक आरोपी डॉक्टर यश पुरोहित के बारे में खुलासा हुआ कि वह फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर निजी अस्पताल में मरीजों का इलाज कर रहा था. यह मामला न केवल धोखाधड़ी बल्कि लोगों की जान से खिलवाड़ का भी है.

---विज्ञापन---

जांच जारी, और गिरफ्तारियां संभव

एसओजी का कहना है कि मामले में जांच अभी जारी है और अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा. आम जनता के लिए जरूरी जानकारी लोग अब किसी भी डॉक्टर की सच्चाई खुद भी जांच सकते हैं.

First published on: Mar 25, 2026 07:32 PM

End of Article

About the Author

---рд╡рд┐рдЬреНрдЮрд╛рдкрди---
рд╕рдВрдмрдВрдзрд┐рдд рдЦрдмрд░реЗрдВ
Sponsored Links by Taboola