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राजस्थान

‘दिलावर फारसी शब्द…’, नाम को लेकर टीकाराम जूली ने शिक्षा मंत्री पर कसा तंज, उर्दू के विरोध पर दी ये नसीहत

राजस्थान विधानसभा में सरकार और विपक्ष के बीच लगातार गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बुधवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर निशाना साधा। मामला उर्दू भाषा से जुड़ा है, विस्तार से इसके बारे में जानते हैं।

केजे श्रीवत्सन, जयपुर

राजस्थान विधानसभा में विपक्ष और सरकार के बीच लगातार गहमागहमी देखने को मिल रही है। बुधवार को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसा। दरअसल हाल ही में शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने महात्मा गांधी अंग्रेजी मीडियम स्कूल के विदाई समारोह कार्यक्रम के निमंत्रण पत्र में उर्दू शब्द लिखे जाने पर ऐतराज जताया था। इस मामले में एक कमेटी का गठन भी किया गया था। उन्होंने इसे भाषा का घालमेल बताया था।

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इसी मुद्दे को बुधवार को फिर से उठाते हुए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि जब शिक्षा मंत्री के नाम के अर्थ के बारे में उन्होंने पता करवाया तो जानकारी मिली कि मदन के साथ जुड़ा दिलावर खुद अरबी मूल का फारसी शब्द है। शायद इसके लिए भी अब जांच कमेटी बनानी पड़ सकती है। नेता प्रतिपक्ष ऐसा बोल रहे थे तो शिक्षा मंत्री की ओर सभी सदस्य देखने लगे। इस बात को सुनकर विपक्ष के अलावा सत्ता पक्ष के विधायक भी मुस्कुराए बिना नहीं रह सके।

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टीकाराम जूली ने कहा कि शिक्षा मंत्री स्कूलों को बंद करवाने में लगे हुए हैं। उर्दू शब्द से इनको नफरत है। इस दौरान उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कुंभ में सिर्फ भारतीय जनता पार्टी के लोगों को ले जाया गया था। उन्होंने अध्यक्ष से सवाल किया कि उन लोगों को क्यों नहीं ले जाया गया, क्या आप भी कुंभ में गए थे? उन्होंने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली रेलवे स्टेशन पर बड़ा हादसा हुआ था। इसके बाद जूली ने एप्रॉपिएशन बिल को लेकर भी अपनी बात रखी, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।

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सरकार को बताया किसान विरोधी

जूली ने सरकार को किसान विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पा रहा है। उनको किसान सम्मान निधि से वंचित रखा जा रहा है, जहां गर्मियों में पानी की रोक होती थी, वहां जनवरी-फरवरी में भी पानी पर रोक देखने को मिली है। आईफा अवॉर्ड समारोह को लेकर भी जूली ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि आयोजन को लेकर सरकार के विधायकों और मंत्रियों तक से नहीं पूछा गया। अमिताभ बच्चन जैसे सितारे आईफा में नहीं दिखे तो आयोजन का क्या फायदा? टीकाराम जूली ने OTS पर भी सवाल उठाए और कहा कि वहां कुछ अलग चल रहा है। ओटीएस को लेकर कौन प्लानिंग कर रहा है, कौन मीटिंग कर रहा है, इस पर सीएम को ध्यान देने की जरूरत है?

First published on: Mar 12, 2025 06:10 PM

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