जयपुर में संविदा नर्सिंगकर्मियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है. प्रशासन की बातचीत के बाद एक महिला समेत तीन नर्सिंगकर्मी पानी की टंकी से नीचे उतर आए, लेकिन मामला पूरी तरह शांत नहीं हुआ. कुछ समय बाद दो अन्य नर्सिंगकर्मी दूसरी पानी की टंकी पर चढ़ गए.

इस बीच, प्रदर्शन कर रहे नर्सिंगकर्मियों के प्रतिनिधिमंडल की सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ से मुलाकात होगी. इस बैठक में नर्सिंगकर्मी अपनी मांगों और समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखेंगे.

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जयपुर में कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने वाले तीन नर्सिंग कर्मचारी पानी की टंकी पर चढ़ गए हैं. ACP विनोद कुमार शर्मा ने कहा, 'तीन नर्सिंग कर्मचारी अपनी मांगें मनवाने के लिए ऊपर चढ़े हैं. उन्हें चिंता है कि भविष्य में होने वाली भर्ती के नियमों में कोई बदलाव न हो; वे चाहते हैं कि आने वाली भर्ती पुराने नियमों के आधार पर ही हो. विभाग ने हाल ही में 700 खाली पदों की घोषणा की है, जिस पर उनका कहना है कि यह संख्या कम है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए.'

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उन्होंने कहा, 'असल में, पांच से आठ साल तक कॉन्ट्रैक्ट पर काम करने के बाद, वे ऐसी नौकरी चाहते हैं जिसमें नौकरी की सुरक्षा हो... हम यहां सिर्फ सुरक्षा के लिहाज से मौजूद हैं. हम उनकी जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं और किसी और को ऊपर चढ़ने से रोक रहे हैं. हमने सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए हैं, जिसमें सेफ्टी नेट भी शामिल हैं. सिविल डिफेंस और SDRF की टीमें भी यहां मौजूद हैं. हमने उनसे संपर्क किया है और उन्हें समझाने-बुझाने के लिए बातचीत की है. हम लगातार उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे अपनी जायज मांगें सही तरीके से रखें. हम उन्हें समझा रहे हैं कि टंकी पर चढ़कर मांगें रखना सही तरीका नहीं है; हम उनसे लगातार बातचीत कर रहे हैं.'

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प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर लगाए दबाव बनाने के आरोप

वहीं, शनिवार रात करीब 9:10 बजे संविदा नर्सिंगकर्मी रामभरत और भरतलाल मीणा एसएमएस अस्पताल परिसर में चरक भवन की पानी की टंकी पर चढ़ गए. उनका कहना है कि पुलिस ने पहले टंकी पर बैठे उनके तीन साथियों को समझाकर नहीं, बल्कि दबाव बनाकर नीचे उतारा. नर्सिंगकर्मियों का आरोप है कि पुलिस ने उनके परिवार वालों से संपर्क किया और फोन पर बात करवाकर साथियों को टंकी से नीचे उतरने के लिए मजबूर किया.

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प्रदर्शन कर रहे नर्सिंगकर्मियों की मुख्य मांग मेरिट के साथ 10, 20 और 30 बोनस अंकों के आधार पर नियुक्ति देने की है. उनका कहना है कि जब तक सरकार इस मुद्दे पर अपना रुख साफ नहीं करती, वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे.

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टंकी से वीडियो जारी कर कही ये बात

टंकी पर मौजूद नर्सिंगकर्मियों ने वीडियो बनाकर अपना पक्ष भी सामने रखा. वीडियो में उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा. उनका आरोप है कि जयपुरिया अस्पताल के पास टंकी पर बैठे उनके साथियों को जबरन नीचे उतारा गया, जिसके बाद वे एसएमएस अस्पताल के पास स्थित टंकी पर चढ़े हैं. नर्सिंगकर्मियों ने कहा कि सरकार जब तक उनकी मांगों पर फैसला नहीं करती, वे नीचे नहीं आएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अपनी मांगों को लेकर वे पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं और उन्हें अपने साथ हो रहा व्यवहार अन्यायपूर्ण लग रहा है.

12 हजार नर्सिंग ऑफिसर और 7 हजार ANM भर्ती की मांग

प्रदर्शन कर रहे नर्सिंगकर्मियों की मांग है कि सरकार नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार और ANM के 7 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करे. उनका कहना है कि भर्ती के नियमों में जरूरी बदलाव करते हुए मेरिट के साथ बोनस अंकों को भी आधार बनाया जाना चाहिए. मौके पर पुलिस और सिविल डिफेंस की टीमें तैनात हैं. अधिकारी टंकी पर चढ़े नर्सिंगकर्मियों से लगातार बातचीत कर रहे हैं.