जयपुर के त्रिपोलिया बाजार इलाके में करीब 200 साल पुरानी एक जर्जर हवेली इन दिनों चर्चा में है. हवेली को तोड़ने के दौरान मजदूरों को जमीन और मलबे के बीच चांदी की सिल्लियां और पुराने चांदी के सिक्के मिले. आरोप है कि खजाना मिलने के बाद इसकी जानकारी हवेली मालिक को देने के बजाय पांच लोगों ने इसे आपस में बांट लिया. पुलिस के मुताबिक नवंबर 2025 में इस हवेली को तोड़ने का ठेका दिया गया था. काम शुरू होने के करीब दस दिन बाद मजदूरों को चांदी की एक बड़ी सिल्ली मिली. इसके बाद दूसरी सिल्ली और बड़ी मात्रा में पुराने चांदी के सिक्के भी मिलने लगे. आरोप है कि दिन में हवेली तोड़ने का काम चलता रहा, जबकि रात में खजाने को बाहर निकालकर छिपाने की कोशिश की गई.
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जंगल में दबा दी चांदी की सिल्लियां
पुलिस जांच में सामने आया कि चांदी की दोनों बड़ी सिल्लियों को स्कूटी से जामडोली के जंगल ले जाया गया. वहां एक पेड़ के नीचे करीब दो फीट गहरा गड्ढा खोदकर दोनों सिल्लियों को दबा दिया गया. पुलिस ने अब इन्हीं सिल्लियों को बरामद कर लिया है. एक सिल्ली का वजन करीब 31 किलो और दूसरी का करीब 35 किलो बताया गया है. दोनों का कुल वजन 66 किलो 400 ग्राम है. पुलिस के मुताबिक, हवेली से मिले करीब 1500 पुराने चांदी के सिक्कों को भी पांचों लोगों ने आपस में बांट लिया था. इनमें से करीब 600 सिक्के लगभग 6 लाख रुपये में और करीब 900 सिक्के लगभग 10 लाख रुपये में बेचे गए हैं. आरोप है कि एक मजदूर ने अपने हिस्से के सिक्के बेचकर बेटी की शादी की. दूसरे आरोपी ने सिक्कों से मिले पैसों से गहने बनवाए. वहीं ठेकेदार ने इन पैसों से दो सेकंड हैंड ट्रैक्टर खरीद लिए और जेसीबी खरीदने की तैयारी कर रहा था.
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पैसों के बंटवारे ने खोला 10 महीने पुराना राज
करीब 10 महीने तक ये मामला छिपा रहा. लेकिन बाद में आरोपियों के बीच पैसों के बंटवारे को लेकर विवाद हो गया. पुलिस के मुताबिक, अनुज नाम के आरोपी ने अपने हिस्से के पैसे मांगे. विवाद बढ़ने के बाद उसने हवेली मालिक राहुल सेठी से संपर्क कर पूरी घटना की जानकारी दे दी. इसके बाद माणक चौक थाने में शिकायत दर्ज हुई और पुलिस ने जांच शुरू की. पूछताछ के बाद पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और उनकी निशानदेही पर जामडोली के जंगल से दोनों चांदी की सिल्लियां बरामद की गईं. अब, इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा रहस्य सोने के कलश को लेकर है. हवेली मालिक का दावा है कि हवेली से 10 से 15 चांदी की सिल्लियां, 8 से 10 हजार पुराने चांदी के सिक्के और 14 से 15 सोने के कलश मिले थे. दावा है कि इन कलशों में सोने के सिक्के भरे हुए थे. हालांकि पुलिस की अब तक की कार्रवाई में सोने का कोई कलश या सोने के सिक्के बरामद नहीं हुए हैं. अब पुलिस उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिन्होंने पुराने चांदी के सिक्के खरीदे. खरीदारों तक पहुंचने के बाद इस खजाने की असली मात्रा और सोने से जुड़े दावे का भी खुलासा हो सकता है.
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