गौमाताओं के नाम पर करोड़ों का गबन, CAG की रिपोर्ट के बाद हुआ खुलासा

राजस्थान में गौशालाओं के नाम पर अनुदान घोटाले का खुलासा हुआ है। CAG के रिपोर्ट के मुताबिक, कई गौशालाओं में फर्जी टैग और झूठी संख्या दिखाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई।

गौशाला
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Rajsthan News: राजस्थान में गौशालाओं में चल रहे गोरखधंधे का एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिन गौमाताओं के नाम पर करोड़ों का सरकारी पैसा लिया जाता है, उन्हीं गौशालाओं में डुप्लीकेट टैग लगाकर करोड़ों रुपये डकारने का मामला सामने आया है। इसके बाद अब सरकार भी हरकत में आ गई है और हिंगोनिया सहित कई गौशालाओं को नोटिस भी जारी कर दिया गया है।

CAG की रिपोर्ट

गायों के नाम पर तो हर बार जमकर राजनीति होती रही है और हर सरकार गाय और गौशाला के विकास का बड़ा दावा करती है। राजस्थान में CAG की रिपोर्ट में एक चोंकाने वाला खुलासा हुआ है। जयपुर की नामचीन गौशालाओं पिंजरापोल और हिंगोनिया संयुक्त राज्य भर की कई गौशाला गौमाता के नाम पर सरकारी पैसे का डबल गेम खेल रही थीं एक ही टैग नंबर दो से तीन गायों को अलॉट कर करोड़ों का गबन किया गया। CAG की रिपोर्ट में पिंजरापोल में 2.41 करोड़ और हिंगोनिया में 1.31 करोड़ रुपये की गड़बड़ी दर्ज है। अब सरकार इन दोनों समेत राजस्थान के 8 जिलों में कुल 20 करोड़ रुपये की रिकवरी करने की बात कही जा रही है।गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत कहते हैं कि जब जांच में जालसाजी सामने आई तो जैसलमेर में 28 गौशालाओं को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया। 49,314 फर्जी गौवंश का खुलासा हुआ, और अब तक 29 करोड़ 58 लाख रुपये की बचत हो चुकी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गौमाता के नाम होने वाले गोरखधंधे को खत्म करने का संकल्प लिया है।

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जोराराम कुमावत, गौपालन मंत्री ने क्या कहा?

जोराराम कुमावत, गौपालन मंत्री, ने कहा हमारे पास फर्जी अनुदान उठाने की शिकायत आई थी कि जैसलमेर में 28 गौशालाओं ऐसी थी जो की ऐसा कर रही थी। हमने उनके खिलाफ जांच करने के बाद उन्हें निलंबित कर दिया है। इस तरह हमारे 12 करोड़ रुपए की बचत हुई और उसके बाद पिछले 1 साल से लगातार उससे बचत ही हो रही है। कांग्रेस सरकार में कई गौशालाओ को फर्जी अनुदान दिया गया । CAG रिपोर्ट में 20 करोड़ रुपए की रिकवरी की बात कही गई है। हम रिकवरी भी करेंगे। किसी को फर्जी तरीके से गौशाला का अनुदान की रकम नहीं उठाने देंगे।

 

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पूरी गड़बड़ी किस तरह हो रही है रिपोर्ट में इसका भी खुलासा किया गया है। जिन गौशालाओं में महज 10 गायें थीं, वहां 100 गायें बताकर पैसा लिया गया। अनुदान और नियमों में फर्जीवाड़ा करने वाली राज्य के आठ जिलों में कई गौशालाओं की सब्सिडी जनवरी 2025 से ही रोक दी गई है। जिससे अब तक 29 करोड़ 58 लाख रुपये की बचत तो हो ही चुकी है, साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से जांच कराई जा रही है। सरकार के मंत्री कह रहे हैं कि कांग्रेस राज में यह पूरी धांधली शुरू हुई थी।ऐसे में कांग्रेस के नेता कर रहे हैं पिछले डेढ़ साल से तो सरकार आपकी है जांच करवा कर गायों को भी इंसाफ दिला  दीजिए।

पूर्व कैबिनेट मंत्री का बयान

प्रताप सिंह खाचरियावास, पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता का कहना है कि CAG की रिपोर्ट को सरकार दबाना चाहती है क्योंकि सरकार खुद गौशालाओं की भ्रष्टाचार में शामिल है। सरकार को रिपोर्ट विधानसभा में रखनी चाहिए। CAG ने घोटाले की बात की है मंत्री और सरकार गायों को बचाना तो दूर सारी गड़बड़ी पर चुप है।यह बड़ा घोटाला है अगर वे CAG रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं करते तो हम कर देंगे। ये लोग हमारी सरकार में गड़बड़ी होने की बात कर रहे हैं तो उसका खुलासा कीजिए। हमारी तुम्हारी सरकार क्या होती है, हमारी सरकार में तो कोई घोटाला हुआ नहीं ,लेकिन पिछले डेढ़ साल से यह लोग चुप बैठे हैं।

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रिपोर्ट में सामने आए स्कॉलरशिप की बात सरकार कह रही है की गड़बड़ी की जांच होगी रिकवरी भी होगी और अनुदान भी रोका जाएगा
, यानी कि गौमाता के नाम पर लूटने वालों का अब हिसाब होगा। लेकिन CAG रिपोर्ट के बाद राजस्थान सरकारी मामले की जांच को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है इसी पर यह सब कुछ भी निर्भर रहेगा।

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