भारतीय रेलवे के लखनऊ मंडल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक लोको पायलट को गंभीर बीमारी के बावजूद समय पर छुट्टी नहीं दी गई. पाइल्स की सर्जरी कराने के बाद भी जब उसे सिक लीव नहीं मिली तो मजबूरी में उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पैंट उतारकर अपना घाव दिखाया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ मंडल में तैनात लोको पायलट राजेश मीणा ने हाल ही में पाइल्स की सर्जरी करवाई थी. डॉक्टर्स ने उन्हें आराम की सलाह दी थी और कुछ दिनों की छुट्टी भी दी गई थी. लेकिन जब घाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ और उन्होंने छुट्टी बढ़ाने की मांग की, तो उन्हें दफ्तर बुला लिया गया. लोको पायलट का कहना है कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर की सलाह और इलाज से जुड़े सभी कागजात अधिकारियों को दिखाए, इसके बावजूद उन्हें ड्यूटी पर आने का दबाव बनाया गया. लगातार मना किए जाने और मानसिक दबाव के कारण वो बेहद परेशान हो गया. आरोप है कि जब बार-बार समझाने के बाद भी छुट्टी नहीं दी गई तो लोको पायलट ने मजबूरी में अपने घाव दिखाए, ताकि अधिकारी उसकी हालत समझ सकें. उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
ये भी पढ़ें: गाजियाबाद में दूसरा एनकाउंटर, यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाला गुलफाम भी मारा गया
क्यों वायरल हुआ वीडियो?
वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों और यूनियनों में नाराजगी फैल गई. लोको पायलट यूनियनों और रनिंग स्टाफ संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताया है. उनका कहना है कि लोको पायलट यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होते हैं और बीमार हालत में उनसे काम कराना ना केवल गलत है, बल्कि खतरनाक भी हो सकता है. संगठनों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और नियमों में सुधार की मांग की है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि छुट्टी से जुड़ी एक तय प्रक्रिया होती है और उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाती है. उनका दावा है कि मामला सामने आने के बाद उच्च स्तर पर जांच की गई और लोको पायलट को बाद में आराम की अनुमति दे दी गई. हालांकि, अधिकारी वीडियो वायरल होने पर कोई स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए
ये भी पढ़ें: यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा, बस और ईको वैन में भीषण भिड़ंत, 6 लोगों की मौत
भारतीय रेलवे के लखनऊ मंडल से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक लोको पायलट को गंभीर बीमारी के बावजूद समय पर छुट्टी नहीं दी गई. पाइल्स की सर्जरी कराने के बाद भी जब उसे सिक लीव नहीं मिली तो मजबूरी में उसने अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सामने पैंट उतारकर अपना घाव दिखाया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और अब रेलवे प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, लखनऊ मंडल में तैनात लोको पायलट राजेश मीणा ने हाल ही में पाइल्स की सर्जरी करवाई थी. डॉक्टर्स ने उन्हें आराम की सलाह दी थी और कुछ दिनों की छुट्टी भी दी गई थी. लेकिन जब घाव पूरी तरह ठीक नहीं हुआ और उन्होंने छुट्टी बढ़ाने की मांग की, तो उन्हें दफ्तर बुला लिया गया. लोको पायलट का कहना है कि उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट, डॉक्टर की सलाह और इलाज से जुड़े सभी कागजात अधिकारियों को दिखाए, इसके बावजूद उन्हें ड्यूटी पर आने का दबाव बनाया गया. लगातार मना किए जाने और मानसिक दबाव के कारण वो बेहद परेशान हो गया. आरोप है कि जब बार-बार समझाने के बाद भी छुट्टी नहीं दी गई तो लोको पायलट ने मजबूरी में अपने घाव दिखाए, ताकि अधिकारी उसकी हालत समझ सकें. उसी दौरान किसी ने वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.
ये भी पढ़ें: गाजियाबाद में दूसरा एनकाउंटर, यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हमला करने वाला गुलफाम भी मारा गया
क्यों वायरल हुआ वीडियो?
वीडियो सामने आने के बाद रेलवे कर्मचारियों और यूनियनों में नाराजगी फैल गई. लोको पायलट यूनियनों और रनिंग स्टाफ संगठनों ने इस घटना को अमानवीय बताया है. उनका कहना है कि लोको पायलट यात्रियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार होते हैं और बीमार हालत में उनसे काम कराना ना केवल गलत है, बल्कि खतरनाक भी हो सकता है. संगठनों ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और नियमों में सुधार की मांग की है. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि छुट्टी से जुड़ी एक तय प्रक्रिया होती है और उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाती है. उनका दावा है कि मामला सामने आने के बाद उच्च स्तर पर जांच की गई और लोको पायलट को बाद में आराम की अनुमति दे दी गई. हालांकि, अधिकारी वीडियो वायरल होने पर कोई स्पष्ट जवाब देने से बचते नजर आए
ये भी पढ़ें: यमुना एक्सप्रेस-वे पर बड़ा हादसा, बस और ईको वैन में भीषण भिड़ंत, 6 लोगों की मौत