पंजाब के गौरवमान और सबसे उम्रदराज मैराथन फौजा सिंह को बीते दिन एक फॉर्च्यूनर गाड़ी से टक्कर लगने के बाद उनकी मौत हो गई। इस मामले में आरोपी को अरेस्ट कर लिया गया है। इस मामले में जालंधर पुलिस ने सुलझा लिया है। बीती रात पुलिस ने इस मामले में 30 साल के एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना में इस्तेमाल की गई फॉर्च्यूनर गाड़ी भी बरामद कर ली गई। जालंधर के करतारपुर में स्थित दासूपुर गांव का रहने वाला अमृतपाल सिंह ढिल्लों पुत्र सुखवंत सिंह को पुलिस कोर्ट में पेश करेगी।
कौन है NRI अमृतपाल सिंह ढिल्लों ?
अमृतपाल सिंह ढिल्लों हाल ही में कनाडा से पंजाब लौटा था। पुलिस की गिरफ्त में आने से पहले वह कपूरथला के एक गांव में रह रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी एक व्यापारी है। वहां लंबा टाइम बिताने के बाद कनाडा में भारत आया था।
कैसे आरोपी पकड़ा गया?
एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क द्वारा बनाई गई टीम ने कुछ गाड़ियां लिस्ट आउट की थी। जिन में से एक फॉर्च्यूनर गाड़ी की पहचान देर शाम कर ली गई थी। बीती शाम पुलिस को संदिग्ध फॉर्च्यूनर का नंबर साफ हो गया। तब नंबर से पता चला कि गाड़ी कपूरथला के अठौली गांव के रहने वाले वरिंदर सिंह पुत्र बलवीर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड थी।
जिसके बाद जालंधर पुलिस की टीमें कपूरथला रवाना होकर वरिंदर के यहां पहुंचीं। वरिंदर सिंह से पूछताछ में पता चला कि कनाडा से आए एक एनआरआई अमृतपाल सिंह ढिल्लों ने उनकी कार खरीदी थी। पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि अमृतपाल के पिता का निधन हो चुका है। उसकी 3 बहनें हैं और उसकी मां कनाडा में रहती है।
वारदात के बाद करतारपुर पहुंचा था आरोपी
बीती रात पुलिस ने गिरफ्तार कर उसकी गाड़ी भी जब्त कर ली थी। इस हादसे के बाद आरोपी अपने करतारपुर स्थित गांव गया था। वह जालंधर तक भी नहीं आया, बल्कि अलग-अलग गांव होकर करतारपुर निकल गया था।
पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर बताया कि वह अपना फोन बेच कर लौट रहा था। तब यह सारी घटना हुई। तब उसे नहीं पता था कि बुजुर्ग फौजा सिंह हैं, जो उसकी गाड़ी से टकरा गए थे।