पंजाब के जालंधर में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में बीते दिन खूब बवाल हुआ. 2000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने विरोध प्रदर्शन, हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की, क्योंकि यूनिवर्सिटी की छात्रा से रेप और उसके द्वारा सुसाइड किए जाने की अफवाह फैलने से स्टूडेंट्स भड़क गए थे. हंगामे को देखते हुए पुलिस ने पूरी यूनिवर्सिटी को छावनी बना दिया. स्टूडेंट्स को समझाकर चंडीगढ़-अमृतसर नेशनल हाईवे खाली कराया. अज्ञात के खिलाफ रेप केस दर्ज करके विशेष जांच टीम (SIT) गठित की. लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रेप-सुसाइड के दावे को खारिज किया और इसे ‘अफवाह’ बताया.
घर के लिए निकलने लगे हैं छात्र-छात्राएं
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) आज सुबह पुलिस छावनी नजर आई और पुलिस टीमों ने फ्लैग मार्च करके हालातों का जायजा लिया. यानी यूनिवर्सिटी कैंपस में अब हालात नियंत्रण में है. क्लास और एग्जाम रद्द होने के बाद 10 दिन की छुट्टी के चलते कई स्टूडेंट्स बीती रात ही घर के लिए निकल गए थे. आज सुबह भी कई स्टूडेंट्स बैग लेकर बाहर निकलते दिखे, यानी LPU खाली होने लगी है. इससे धीरे-धीरे हालात सामान्य हो जाएंगे और फिर से क्लास शुरू होंगी.
डीन और यूनिवर्सिटी ने माले में क्या कहा?
मामले में स्टूडेंट्स विंग के डीन सौरभ लखनपाल ने कहा कि वे जांच में सहयोग करेंगे और छात्र प्रतिनिधियों से भी जांच में शामिल होने की अपील करते हैं. छात्रों को CCTV फुटेज दिखाएंगे और पूरी जांच में शामिल होंगे. वहीं यूनिवर्सिटी रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने अफवाहों को झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया. असामाजिक तत्व सोशल मीडिया के जरिए पूरी अफवाहें फैलाकर यूनिवर्सिटी का माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं. छात्रों में अनावश्यक भ्रम पैदा करके माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है, इसलिए इन पर कतई भरोसा न करें.
कैसे शुरू हुआ हंगामा और क्या-क्या हुआ?
DIG नवीन सिंगला के अनुसार, यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप हुआ और उसने सुसाइड कर लिया. सोशल मीडिया के जरिए यह खबर सर्कुलेट हुई तो शनिवार को आधी रात के बाद करीब एक बजे गर्ल्स हॉस्टल 3 के पास हजारों स्टूडेंट्स एकजुट हुए. दावा किया गया है कि 3 दिन पहले प्लंबर में हॉस्टल में रहने वाली छात्रा के साथ दुष्कर्म किया, जिसके चलते उसने सुसाइड किया. वहीं कुछ ने दावा किया कि रेप होने के बाद छात्रा अपने घर चली गई. इसके चलते छात्र आक्रोशित हो गए और विरोध प्रदर्शन करते हुए मेन गेट पर पहुंचे, जहां उन्होंने तोड़फोड़ की और गमले उठा-उठाकर फेंक दिए.
छात्रों ने पथराव किया और पुलिस वाहन फूंके
प्रदर्शनकारी छात्र रातभर उग्र विरोध प्रदर्शन करते रहे. पुलिस रोकने आई तो पथराव किया और उनकी गाड़ियों को आग लगा दी. छात्रों की पुलिस के साथ झड़प भी हुई, जिसमें दोनों पक्षों के लोग घायल हुए. छात्रों ने पथराव करके यूनिवर्सिटी में बनी दुकानों और अन्य संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया. प्रदर्शनकारियों ने ‘वी वांट जस्टिस’ के नारे लगाए. कैंपस में रखे पुराने MiG-23UM विमान और सैन्य टैंक पर चढ़ गए. कैंपस के बाहर जाकर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 को जाम कर दिया. इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. जिसके चलते ट्रैफिक को दूसरे रास्तों पर डायवर्ट किया गया.
पुलिस को छात्रों पर लाठीचार्ज भी करना पड़ा
दिनभर हंगामा होने के बाद पुलिस प्रशासन ने शाम करीब 7.30 बजे प्रदर्शनकारी छात्रों से हाईवे खाली करने को कहा तो वे उग्र हो गए और पुलिस वालों पर पानी की बोतलें फेंकने लगे. जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया तो छात्र कैंपस के अंदर चले गए. छात्रों ने पुलिस पर पथराव किया और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया. जालंधर ग्रामीण के SSP हरविंदर सिंह विर्क ने कपूरथला, जालंधर सिटी और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया. ADGP एमएफ फारूकी के नेतृत्व में उच्च अधिकारी भी यूनिवर्सिटी में पहुंचे और नेशनल हाईवे-44 पर यातायात बहाल कराया गया.
हिंसा-आगजनी और तोड़फोड़ करके 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है. यूनिवर्सिटी में करीब 25000 स्टूडेंट्स रहते हैं, जिन्होंने पुलिस को फ्लैग मार्च में सहयोग किया. विरोध प्रदर्शन खत्म करके जूनियर्स को हॉस्टलों में लौटने का निर्देश दिया और यूनिवर्सिटी ने कुछ आदेश जारी करके उन्हें घर चले जाने के लिए कहा.