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मुंबई

डिप्टी सीएम अजित पवार और महिला IPS विवाद में नया मोड़, जांच की मांग करने वाले NCP नेता ने मांगी माफी

महाराष्ट्र के सोलापुर में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और DSP पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के बीच एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पवार ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने को कहा। वीडियो के बाद विवाद भड़का और पार्टी के नेता अमोल मिटकरी ने अधिकारी के शैक्षणिक और जाति प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की। बाद में उन्होंने माफी मांगी।

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Written By: News24 हिंदी Updated: Sep 7, 2025 10:16
Ajit pawar phone call ips
उपमुख्यमंत्री अजित पवार और आईपीएस अधिकारी

महाराष्ट्र के सोलापुर में DSP के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के बीच हुई बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में उपमुख्यमंत्री ने आईपीएस अधिकारी को न सिर्फ कार्रवाई रोकने की धमकी दी बल्कि पहचान न होने पर कार्रवाई की बात भी कही थी। इसको लेकर अजित पवार विवादों में आ गए। इस मामले को लेकर अजित पवार ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उनकी पार्टी के नेता उत्साहित होकर आईपीएस अधिकारी के खिलाफ ही जांच की मांग करने लगे।

विवाद सामने आने के बाद एनसीपी एमएलसी अमोल मिटकरी ने आईपीएस अधिकारी अंजना कृष्णा के शिक्षा और जाति प्रमाण पत्रों पर सवाल उठाते हुए UPSC से जांच की मांग की थी। सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर उन्होंने UPSC से आईपीएस अधिकारी के डॉक्यूमेंट की जांच की मांग की थी। इस संबंध में उन्होंने UPSC को पत्र भी लिखा था, लेकिन अब उन्होंने इस पोस्ट को हटा दिया और माफी मांगी है।

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उपमुख्यमंत्री और NCP अध्यक्ष अजित पवार ने सोलापुर के करमाला की DSP कृष्णा को फोन पर फटकार लगाई और उनसे अवैध मिट्टी उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने को कहा। वीडियो वायरल होने के बाद अजित पवार की आलोचना होने लगी और वे विपक्ष के निशाने पर आ गए थे। बताया जा रहा है कि पवार इस विवाद को खत्म करना चाहते थे।

इस पर एनसीपी के MLC मिटकरी ने ट्वीट किया था कि उन्होंने UPSC से अंजना कृष्णा के शैक्षणिक और जाति प्रमाण पत्रों के बारे में जानकारी मांगी, तो विवाद और भड़क गया। विपक्ष के कई नेता NCP को घेरने लगे और सरकार पर हमलावर हो गए। शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुळे और कांग्रेस नेता यशोमति ठाकुर ने भी उनकी आलोचना की।

इसके बाद अमोल मिटकरी ने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि यह मेरी पार्टी का रुख नहीं है। यह मेरा निजी विचार है। मैं हमारे पुलिस बल और ईमानदारी से काम करने वाले अधिकारियों का बहुत सम्मान करता हूं। मैं पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के रुख से पूरी तरह सहमत हूं। सोलापुर घटना के संबंध में किए गए ट्वीट को वापस ले रहा हूं और माफी मांग रहा हूं।

क्या था विवाद?

बताया जा रहा है कि अवैध खनन की शिकायत मिलने के बाद आईपीएस अधिकारी कार्रवाई के लिए पहुंची थीं, लेकिन वहां मौजूद एक शख्स ने सीधे अजित पवार को फोन लगा दिया और कार्रवाई रुकवाने के लिए कहा। उसने अजित पवार से बात करने के लिए फोन आईपीएस अधिकारी को दे दिया। बातचीत की शुरुआत में आईपीएस अधिकारी अजित पवार की आवाज नहीं पहचान पाईं। इसके बाद अजित पवार ने पुलिस अधिकारी को वीडियो कॉल किया और सख्त लहजे में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई रोकने को कहा।

First published on: Sep 07, 2025 10:16 AM

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