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मुंबई

नासिक बाबा कांड की भेंट चढ़ीं रूपाली चाकणकर! महिला आयोग के अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा; वायरल हुई थी फोटो

नासिक में अशोक खरात पर यौन शोषण और बलात्कार के आरोप साबित होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर चाकणकर के खरात के पैर धोने और उसके साथ कई और तस्वीरें वायरल हो गईं.

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Written By: Akarsh Shukla Updated: Mar 20, 2026 23:20

नासिक के ‘स्वयंभू भगवान’ अशोक खरात के कारनामे उजागर होने के बाद से महाराष्ट्र की सियासत में हंगामा मचा हुआ है. ढोंगी ज्योतिषी के 58 अश्लील वीडियो सामने आने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन अशोक खरात के साथ वायरल तस्वीरों में नजर आने वालीं महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को भी इस मामले में आलोचनाओं का सामना करना पड़ा. अशोक खरात के लिए छाता पकड़ने से लेकर उसके पैर तक धोने वालीं रूपाली चाकणकर को अब महिला आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा है.

सीएम फडणवीस ने दिया था इस्तीफे का निर्देश!


हालांकि अभी तक ये स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है या नहीं, लेकिन अशोक खरात की करतूत सामने आने के बाद विपक्ष लगातार इस मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार को कटघरे में खड़ा कर रह है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रूपाली चाकणकर को इस्तीफा देने का निर्देश दिया, जिसके कुछ घंटों बाद ही उनका त्याग पत्र सामने आया.

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क्या है पूरा मामला?


नासिक में अशोक खरात पर यौन शोषण और बलात्कार के आरोप साबित होने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है. इसी बीच सोशल मीडिया पर चाकणकर के खरात के पैर धोने और उसके साथ कई और तस्वीरें वायरल हो गईं, जिससे विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने उनकी बर्खास्तगी की मांग तेज कर दी. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की नेता चाकणकर पर महिला आयोग की अध्यक्ष के पद की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगा.

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भाजपा समर्थक नेताओं ने भी इस मामले में आक्रामक रुख अपनाया. मुख्यमंत्री फडणवीस ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए चाकणकर से तत्काल इस्तीफा मांग लिया, जिसके बाद उन्होंने यह कदम उठाया. शुक्रवार को ही चाकणकर ने पुलिस महानिदेशक सदानंद दाते को पत्र लिखकर अशोक खरात मामले में त्वरित, समयबद्ध और निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए थे. पत्र में उन्होंने नासिक पुलिस कमिश्नर को जांच की प्रगति से आयोग को अवगत कराने को कहा था.

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महिला आयोग ने खुद इस मामले की निगरानी करने का भरोसा दिलाया था. लेकिन वायरल तस्वीरों ने उनकी साख पर ऐसा सवाल खड़ा कर दिया कि इस्तीफा ही एकमात्र रास्ता बच गया. राजनीतिक गलियारों में यह घटना भूकंप की तरह असर कर रही है. विपक्षी दल इसे महायुति सरकार पर हमले का मौका बना रहे हैं.

First published on: Mar 20, 2026 10:59 PM

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