कई ऐसे देश हैं जो समुद्र के पानी को मीठा बनाकर अपना गुजारा कर रहे हैं. लेकिन मुंबई में इस तकनीक को पूरी तरह से लाने में 15 साल से ज्यादा का वक्त लग गया. उम्मीद की जा रही है कि 2029 तक मुंबई को भारत के सबसे बड़े डिसैलिनेशन प्लांट में से एक से हर दिन 400 मिलियन लीटर तक पीने का पानी मिल पाएगा. मुंबई से पहले चेन्नई ने समुद्र के पानी को मीठा बनाकर इस्तेमाल करना शुरू किया था. दरअसल, 2009 में मुंबई में पानी की बड़ी किल्लत हुई थी, जिसके बाद डिसैलिनेशन से मिला पानी सप्लाई करने के प्लान पर गंभीरता से विचार किया गया.
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कहां तैयार हो रहा डिसेलिनेशन प्लांट?
मुंबई नगर निकाय ने मानसून पर पानी की निर्भरता कम करने के लिए डिसैलिनेशन का प्रस्ताव रखा था. अब बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) मलाड के करीब बसे मनोरी गांव में एक डिसेलिनेशन प्लांट तैयार कर रहा है, जिसकी लागत करीब 4007 करोड़ रुपये है. इसके बन जाने के बाद उम्मीद है कि प्लांट से हर दिन 400 मिलियन लीटर पानी मिलेगा और इसी के साथ ये भारत का सबसे बड़ा डिसेलिनेशन प्लांट बन जाएगा. डिसेलिनेशन का मतलब है समुद्र के खारे पानी से नमक और दूसरी अशुद्धियों को हटाकर उसे पीने लायक बनाना.
कैसे काम करता है डिसेलिनेशन प्लांट?
इनटेक पाइप के जरिए समुद्र का पानी प्लांट तक पहुंचाया जाता है. मिट्टी, समुद्री घास और बाकी गंदगी को हटाने के लिए इसे फिल्टर किया जाता है. फिल्टर होने के बाद पानी को ज्यादा प्रेशर से खास सेमी परमेबल मेम्ब्रेन से पास कराया जाता है. ये मेम्ब्रेन समुद्री नमक और अशुद्धियों को आगे नहीं जाने देती. इस पानी को पीने लायक बनाने के लिए फिर मिनरल मिलाए जाते हैं. जो पानी इस प्रोसेस के बाद बच जाता है, उसे ब्राइन कहते हैं. इस पानी को सुरक्षा उपायों के साथ वापस समुद्र में छोड़ दिया जाता है. पिछले कुछ सालों में डिसेलिनेशन मेम्ब्रेन की कीमत कम हुई है और इसकी क्षमता, टिकाऊपन और फ्लो रेट में सुधार से ये तकनीक और भी कारगर हो गई है.
मुंबई में पानी की किल्लत क्यों?
दरअसल, मुंबई में पानी की सप्लाई पर काफी प्रेशर बढ़ रहा है, क्योंकि वहां सप्लाई कम है और डिमांड ज्यादा. मुंबई की जनता पानी के लिए ज्यादातर बारिश पर डिपेंड रहती है. इस बार कमजोर मानसून की वजह से जलाशयों का स्तर करीब 23.5 प्रतिशत तक गिर गया, जिसकी वजह से BMC को पूरे मुंबई में पानी की सप्लाई में 10 प्रतिशत तक की कटौती करनी पड़ी. अब डिसेलिनेशन प्लांट के तैयार होने से मुंबई को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है.
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