मुंबई के कोलाबा स्थित दशकों पुराने और मशहूर कैफे मोंडेगर पर खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है. महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने निरीक्षण के दौरान कई गंभीर कमियां मिलने के बाद कैफे का फूड लाइसेंस निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई 12 सितंबर को हुई जांच के बाद की गई. अधिकारियों के मुताबिक, निरीक्षण में भोजन के भंडारण, किचन की साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों को संभालने से जुड़े नियमों का पालन नहीं पाया गया.
मोंडेगर के अलावा, जिन तीन रेस्टोरेंट पर कार्रवाई हुई, वे हैं- कांदिवली में महाराष्ट्र बिरयानी सेंटर, घाटकोपर वेस्ट में त्रिभुवन डेयरी फार्म और घाटकोपर ईस्ट में महावीर काजू एंड फूड्स प्राइवेट लिमिटेड.
कोलाबा में स्थित मोंडेगर में शनिवार को फूड सेफ्टी से जुड़ी जांच की गई.
कैफे में हो रहा था कई नियमों का उल्लघंन
FDA की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कैफे में गर्म भोजन को 60 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पर रखने और ठंडे खाद्य पदार्थों को 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर सुरक्षित रखने के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था. इसके अलावा भोजन को डीफ्रॉस्ट करने और पके हुए खाने को ठंडा करने के लिए भी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं मिला.
जांच के दौरान किचन और भोजन तैयार करने वाले हिस्से में स्वच्छता से जुड़ी दूसरी खामियां भी सामने आईं. रिपोर्ट के मुताबिक, भोजन तैयार करने वाले क्षेत्र के पास ड्रेनेज की व्यवस्था पर्याप्त नहीं थी. इससे गंदे पानी या अन्य स्रोतों के जरिए खाद्य पदार्थों के दूषित होने का खतरा बताया गया. इसके साथ ही उपकरणों की उचित सफाई और सैनिटाइजेशन में भी कमी पाई गई. परिसर के कुछ हिस्सों में नमी के कारण फर्श खराब होने की बात भी सामने आई है.
ये चारों रेस्टोरेंट ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट’ के शेड्यूल 4 का उल्लंघन करते पाए गए, जिसमें साफ-सफाई और स्वच्छता के जरूरी नियम बताए गए हैं.
लोगों के बीच फेमस हैं ये कैफे
कैफे मोंडेगर मुंबई के कोलाबा इलाके का जाना-पहचाना नाम है और लंबे समय से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के बीच भी लोकप्रिय रहा है. कैफे अपने खास माहौल और दीवारों पर बने मशहूर कार्टूनिस्ट मारियो मिरांडा के चित्रों के लिए भी जाना जाता है. इसके अलावा, FDA की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर मुंबई के नौ फूड एस्टेब्लिशमेंट (खाने-पीने की जगहों) के खिलाफ भी कार्रवाई की गई.
जिन पर कार्रवाई हुई है, वे उन 38 फूड एस्टेब्लिशमेंट में शामिल हैं जिनकी जांच त्योहारों से पहले शहर में की गई थी. जांच के दौरान दूध, खोया और घी समेत खाने-पीने की चीजों के 47 सैंपल लिए गए. मुंबई के बाहर दूध और दूध से बनी चीजें बेचने वाले कई एस्टेब्लिशमेंट के खिलाफ भी कार्रवाई की गई. फूड रेगुलेटर ने कुल 30 लीटर दूध और 4,000 किलोग्राम से ज्यादा दूध से बनी चीजें और मिठाइयां जब्त कीं, जिनकी कीमत 15 लाख रुपये से ज्यादा है.
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यह कार्रवाई FDA की ओर से मिलावट और साफ-सफाई के नियमों के उल्लंघन के खिलाफ तेज की गई मुहिम के तहत की गई है. इस मुहिम की अगुवाई एजेंसी के नए कमिश्नर तुकाराम मुंडे कर रहे हैं, जो अब महाराष्ट्र में एक जाना-माना नाम बन गए हैं.
वहीं, अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि रेस्तरां और अन्य खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़े तय मानकों का पालन करना होगा. लाइसेंस निलंबित होने के बाद कैफे को संबंधित कमियों को दूर कर निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना होगा. इसके बाद ही आगे की नियामकीय प्रक्रिया के तहत उसके लाइसेंस को लेकर फैसला किया जाएगा.