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रेस्तरां के बाद अब अस्पतालों पर एक्शन? महाराष्ट्र FDA चीफ ने दवाओं के रेट पर उठाए सवाल

महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंडे ने अस्पताल के सामान और दवाओं की कीमतों पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि हो सकता है इलाज के दौरान मरीज सामान की असली कीमत जाने बिना ही ट्रेड प्राइस से कई गुना पैसे चुका रहे हैं.

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महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) चीफ तुकाराम मुंडे ने अस्पताल के सामान और दवाओं की कीमतों पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि हो सकता है इलाज के दौरान मरीज सामान की असली कीमत जाने बिना ही ट्रेड प्राइस से कई गुना पैसे चुका रहे हैं. दरअसल, महाराष्ट्र में FDA का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. उनकी टीम लगातार रेस्टॉरेंट, ऑनलाइन डिलीवरी समेत कई चीजों का मुआयना कर रही है. मुंडे ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए कहा- अस्पताल के बिल में जो सबसे महंगा हिस्सा होता है, वो शायद वहां तक पहुंचता ही नहीं है.

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क्या बोले FDA चीफ?

IAS अधिकारी ने लिखा, ”अस्पताल के बिल का सबसे महंगा हिस्सा शायद अस्पताल तक कभी पहुंचता ही नहीं है. इलाज के लिए भर्ती मरीज को ये पता लगाने का कोई तरीका नहीं होता कि किसी मेडिकल सामान की कीमत उसकी असल लागत है या उसमें कोई ऐसा एक्सट्रा प्राइस जुड़ा है जो वार्ड तक पहुंचने से बहुत पहले ही तय कर दिया गया था. जानकारी का ये अंतर असल में एक सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा है.” FDA ने अस्पतालों के सामानों पर एक सर्वे किया, जिसका जिक्र तुकाराम मुंडे ने भी किया. सर्वे में कुछ प्रोडक्ट्स के ट्रेड प्राइस और MRP में जमीन और आसमान का अंतर नजर आया, जिसकी वजह से मरीजों की जेब पर काफी असर पड़ रहा है.

सर्वे में क्या आया?

तुकाराम मुंडे ने जो आंकड़े बताए उसके मुताबिक, 11.05 रुपये की ट्रेड प्राइस वाले IV इन्फ्यूजन सेट की MRP 325 रुपये थी यानि इसका एक्सट्रा प्राइस 2841 प्रतिशत है. 6.75 रुपये में खरीदी गई सिरिंज की MRP 57.20 रुपये थी, जबकि 29.41 रुपये में खरीदे गए कैथेटर की MRP 310 रुपये थी. मुंडे ने कहा, ”ये ऐसी खरीदारी नहीं हैं जिन्हें अपनी मर्जी से चुना जा सके.” उन्होंने बताया कि मेडिकल केयर लेने वाले मरीज अक्सर कीमतों की तुलना नहीं कर पाते, दूसरे विकल्प नहीं देख पाते या मेडिकल प्रोडक्ट पर लिखी कीमत पर सवाल नहीं उठा पाते. उन्होंने कहा कि MRP अक्सर मैन्युफैक्चरर और डिस्ट्रीब्यूटर तय करते हैं और ये ट्रेड प्राइस से अलग हो सकती है, जिससे एक ऐसा बिना वजह का मार्जिन बन जाता है.

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First published on: Sep 16, 2026 12:06 PM

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About the Author

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.

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