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महाराष्ट्र में अवैध भांग की खेती का भंडाफोड़, 420 किलो गांजा जब्त

धुले में अवैध भांग की खेती देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। बड़े खेतों में भांग के हजारों पौधे, पानी देने के लिए खास सिस्टम और तस्करी के लिए रखे गांजे के बोरे यह कोई छोटी-मोटी बात नहीं थी। लेकिन DRI की टीम ने सख्त कदम उठाते हुए इस नशे के अड्डे को खत्म कर दिया।

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Maharashtra

इंद्रजीत सिंह, मुंबई

देश को नशे की लत में धकेलने वाले अब कानून के शिकंजे में आ रहे हैं। महाराष्ट्र के धुले जिले में जब DRI की टीम पहुंची तो नजारा हैरान करने वाला था सैकड़ों एकड़ में फैली अवैध भांग की फसल, आधुनिक सिंचाई सिस्टम और खेतों में पड़े सूखे गांजे के बोरे। यह कोई छोटी-मोटी तस्करी नहीं थी बल्कि बड़े पैमाने पर चल रहा गैरकानूनी कारोबार था जिससे न जाने कितनी जिंदगियां बर्बाद हो रही थीं। लेकिन DRI ने इसे खत्म करने का फैसला किया। उन्होंने 9.49 एकड़ में फैले 96,049 भांग के पौधों को नष्ट कर साफ संदेश दिया नशे के कारोबारियों की अब खैर नहीं।

धुले जिले में अवैध भांग की खेती का भंडाफोड़

राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने महाराष्ट्र के धुले जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.49 एकड़ में फैली अवैध भांग की खेती को नष्ट कर दिया। इस ऑपरेशन में DRI की मुंबई, पुणे और नागपुर टीमों ने मिलकर काम किया। DRI को खास जानकारी मिली थी कि धुले जिले के खामखेड़ा, अंबे और रोहिणी गांवों में भांग की अवैध खेती की जा रही है। यह इलाका महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमा पर है, जिससे यहां गैरकानूनी काम करना आसान हो जाता है। अधिकारियों ने इन जगहों की पहचान कर कार्रवाई की योजना बनाई। जिला प्रशासन और न्यायिक मजिस्ट्रेट से इजाजत मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी अवैध फसल को नष्ट कर दिया।

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संगठित तरीके से हो रही थी अवैध खेती

जब DRI की टीम मौके पर पहुंची तो उन्होंने देखा कि भांग की खेती बहुत ही व्यवस्थित तरीके से की जा रही थी। यहां फसल की सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा था जिससे साफ था कि यह कोई छोटी-मोटी खेती नहीं बल्कि बड़े पैमाने पर चल रही अवैध गतिविधि थी। अधिकारियों ने सात अलग-अलग जगहों पर पहुंचकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में फसलों की माप ली और GPS टैग वाली तस्वीरें भी खींची। जांच के दौरान खेतों में पहले से रखे सूखे गांजे के बोरे भी मिले। इससे साफ हुआ कि यहां गांजा बड़ी मात्रा में तैयार कर तस्करी के लिए भेजा जा रहा था।

96049 भांग के पौधे नष्ट, 420 किलो गांजा जब्त

जिला प्रशासन की मदद से सभी 7 जगहों की जमीन के रिकॉर्ड की जांच की गई। इससे पता चला कि इन जमीनों पर अवैध कब्जा कर भांग की खेती की जा रही थी। इसके बाद नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम की धारा 48 के तहत पूरी फसल को जब्त कर नष्ट कर दिया गया। कुल 9.493 एकड़ जमीन पर फैले 96,049 भांग के पौधों को उखाड़कर खत्म किया गया। साथ ही खेतों से मिले 420.39 किलो सूखे गांजे को भी जब्त कर लिया गया।

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DRI का ‘नशा मुक्त भारत’ के लिए संकल्प

नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत किसी भी व्यक्ति के लिए नशीले पदार्थों की खेती, भंडारण, बिक्री, खरीद या सेवन करना गैरकानूनी है। ऐसा करने पर कड़ी सजा मिल सकती है और दोषी को 20 साल तक की जेल हो सकती है। DRI लगातार ऐसे ड्रग सिंडिकेट्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इस तरह की कार्रवाइयां भारत को नशा मुक्त बनाने की उसकी मजबूत कोशिश को दिखाती हैं। अधिकारियों ने कहा कि वे आगे भी ऐसे नशीले पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करते रहेंगे ताकि समाज को इस खतरे से बचाया जा सके।

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