णे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार को वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.शुक्रवार सुबह सिया गोयल को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मावल तहसील के कान्हे फाटा स्थित जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया. मेडिकल टेस्ट पूरा होने के बाद पुलिस उसे सीधे वडगांव मावल पुलिस थाने लेकर पहुंची.
ये भी पढ़ें: सिया गोयल के नए ‘सच’ का खुलासा, केतन अग्रवाल की हत्या से जुड़ा अहम सुराग मिला, अब पुलिस उठाएगी ये बड़ा कदम
कड़ी सुरक्षा में हुई जांच
इस दौरान अस्पताल और पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद रहे. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने सिया गोयल को मीडिया के कैमरों से दूर रखा और बिना किसी सार्वजनिक बातचीत के सीधे पुलिस वाहन में बैठाकर थाने पहुंचाया. इसके बाद सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को वडगांव मावल न्यायालय में पेश किया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. पुणे पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अभी जारी है. जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं. पुलिस तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और बाकी दस्तावेजों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में एक और बड़ा अपडेट ये है कि पुणे पुलिस सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफी (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. इसके लिए जरूरी अनुमति और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. अगर अदालत से अनुमति मिलती है और आरोपी अपनी सहमति देते हैं तो दोनों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जा सकता है. पुलिस का मानना है कि इस प्रक्रिया से जांच में कई अहम तथ्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, भारतीय कानून के तहत पॉलीग्राफी टेस्ट सिर्फ निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है.
ये भी पढ़ें: लाई डिटेक्टर टेस्ट से खुलेगा केतन हत्याकांड का राज! सिया और चेतन का पकड़ा गया झूठ, तो क्या होगा?
णे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को शुक्रवार को वडगांव मावल कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. इस फैसले के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.शुक्रवार सुबह सिया गोयल को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मावल तहसील के कान्हे फाटा स्थित जिला अस्पताल में मेडिकल जांच के लिए लाया गया. मेडिकल टेस्ट पूरा होने के बाद पुलिस उसे सीधे वडगांव मावल पुलिस थाने लेकर पहुंची.
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कड़ी सुरक्षा में हुई जांच
इस दौरान अस्पताल और पुलिस थाने के बाहर बड़ी संख्या में मीडिया कर्मी मौजूद रहे. सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने सिया गोयल को मीडिया के कैमरों से दूर रखा और बिना किसी सार्वजनिक बातचीत के सीधे पुलिस वाहन में बैठाकर थाने पहुंचाया. इसके बाद सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी को वडगांव मावल न्यायालय में पेश किया गया. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. पुणे पुलिस के मुताबिक, केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच अभी जारी है. जांच अधिकारी मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रहे हैं. पुलिस तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल डेटा, फॉरेंसिक रिपोर्ट, इलेक्ट्रॉनिक सबूत और बाकी दस्तावेजों की मदद से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है.
पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की तैयारी
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में एक और बड़ा अपडेट ये है कि पुणे पुलिस सिया गोयल और चेतन चौधरी का पॉलीग्राफी (लाई डिटेक्टर) टेस्ट कराने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है. इसके लिए जरूरी अनुमति और कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं. अगर अदालत से अनुमति मिलती है और आरोपी अपनी सहमति देते हैं तो दोनों का पॉलीग्राफी टेस्ट कराया जा सकता है. पुलिस का मानना है कि इस प्रक्रिया से जांच में कई अहम तथ्यों का पता लगाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, भारतीय कानून के तहत पॉलीग्राफी टेस्ट सिर्फ निर्धारित कानूनी प्रक्रिया और अनुमति के बाद ही कराया जा सकता है.
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