लोकसभा में एकनाथ शिंदे का कुनबा बढ़ गया है. स्पीकर ओम बिरला ने शिवसेना (UBT) के 6 सांसदों के शिवसेना (शिंदे) में विलय को मंज़ूरी दे दी है. इसी के साथ एकनाथ शिंदे की शिवसेना लोकसभा में सबसे ज्यादा सांसदों वाली 7वें नंबर की पार्टी बन गई है. इसके अलावा, स्पीकर ने TMC से अलग होकर NCPI (नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ इंडिया) बनाने वाले 20 सांसदों के लिए लोकसभा में अलग बैठने की व्यवस्था को भी मंज़ूरी दे दी है. हालांकि NCPI के साथ उनके विलय को स्पीकर की मंज़ूरी का अभी इंतज़ार है.
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एकनाथ शिंदे ने क्या कहा?
उद्धव गुट के बागी सांसदों को लेकर लोकसभा स्पीकर के फैसले के बाद महराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने कहा कि उन्होंने किसी को भी उनसे हाथ मिलाने के लिए कोई दबाव या लालच नहीं दिया है. शिंदे ने कहा कि वो बागी नेता उनपर भरोसा करते हैं, इसीलिए वो उद्धव की शिवसेना को छोड़कर उनके पास आए हैं. उन्होंने आगे कहा कि जितने भी सांसद पिछले तीन-चार सालों में उनसे जुड़े है, वो सब उनपर अटूट विश्वास रखते हैं कि उनके साथ कभी कोई धोखा नहीं होगा और सभी वादों को पूरा किया जाएगा. शिंदे ने कहा कि वो किसी पार्टी को तोड़ने की राजनीति नहीं करते. उन्होंने कहा कि वो बस चाहते हैं कि उनके साथ जुड़े सांसद जनता के हितों के लिए काम करें. डिप्टी सीएम ने कहा कि ऐसा करने में वो अपने सांसदों का पूरा सहयोग करेंगे.
सर्वदलीय बैठक में शामिल होंगे बागी सांसद
18 जुलाई 2026 को लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी की गई पार्टी पोजीशन के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के अभी 28 सांसद हैं. हालांकि इसमें ये भी कहा गया है कि अलग हुए टीएमसी के 20 सांसदों को अलग बैठने की व्यवस्था दी गई है. इससे ये पता चलता है कि लोकसभा सचिवालय ने अभी टीएमसी से अलग हुए दल को अपनी मान्यता नहीं दी है. हालांकि संसदीय कार्य मंत्रालय के तरफ से कल उनको यानी टीएमसी से अलग 20 सांसदों वाले दल के नेता को सर्वदलीय बैठक में बुलाया गया है. जानकारी के मुताबिक, सुदीप बंदोपाध्याय लोकसभा में एनसीपीआई के नेता होंगे. वहीं काकोली घोष को एनसीपीआई का नामित चीफ व्हिप बनाया गया है.
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