---विज्ञापन---

मुंबई

48 घंटे जंगल में छिपा रहा मासूम से दरिंदगी का आरोपी, अकोला में 105 जवानों ने ऐसे दबोचा

आरोपी की तलाश में स्थानीय अपराध शाखा की तीन टीमें, चान्नी थाना पुलिस, आरसीपी यूनिट, डॉग स्क्वॉड और चार ड्रोन कैमरे लगाए गए. वन विभाग और ग्रामीणों की भी मदद ली गई.

Author
Written By: Ankush jaiswal Updated: May 8, 2026 19:13

महाराष्ट्र के अकोला से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है. 10 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को 48 घंटे तक जंगलों में बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाना पड़ा. आखिरकार 105 पुलिसकर्मियों, ड्रोन और डॉग स्क्वॉड की मदद से आरोपी को दबोच लिया गया.

यह सनसनीखेज मामला चान्नी थाना क्षेत्र के सावरगांव गांव का है. पुलिस के मुताबिक, 5 मई को बच्ची घर में अकेली थी, जबकि उसके माता-पिता मजदूरी के लिए बाहर गए हुए थे. इसी दौरान गांव के रहने वाले 60 वर्षीय आरोपी जगराम गोविंदा आडे ने घर में घुसकर कथित तौर पर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया. वारदात के बाद आरोपी ने मासूम को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी. डरी-सहमी बच्ची ने बाद में परिवार को पूरी घटना बताई. इसके बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई. मामला सामने आते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और भारतीय न्याय संहिता (BNS) तथा पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई.

---विज्ञापन---

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक ने विशेष टीम गठित की. जांच में पता चला कि आरोपी वारदात के बाद जंगलों में छिपा हुआ है. सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि आरोपी के पास कोई मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस नहीं था. यहां तक कि पुलिस रिकॉर्ड में उसकी स्पष्ट तस्वीर भी मौजूद नहीं थी.

ऐसे शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सावरगांव’

आरोपी की तलाश में स्थानीय अपराध शाखा की तीन टीमें, चान्नी थाना पुलिस, आरसीपी यूनिट, डॉग स्क्वॉड और चार ड्रोन कैमरे लगाए गए. वन विभाग और ग्रामीणों की भी मदद ली गई. करीब 105 जवानों ने जंगल के कई हिस्सों में पैदल सर्च ऑपरेशन चलाया.

---विज्ञापन---

6 और 7 मई को भीषण गर्मी और कठिन परिस्थितियों के बीच पुलिस लगातार जंगलों की खाक छानती रही. कई घंटों तक चले कॉम्बिंग ऑपरेशन के बाद आखिरकार आरोपी को जंगल से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस इस गिरफ्तारी को बड़ी कामयाबी मान रही है.

पुलिस के अनुसार, मामले में फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है. साथ ही 30 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है ताकि पीड़िता को जल्द न्याय मिल सके.

---विज्ञापन---

अकोला पुलिस का यह ‘ऑपरेशन सावरगांव’ अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. हालांकि, आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच चुका है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

First published on: May 08, 2026 07:13 PM

End of Article
संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.