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मुंबई

नगर परिषद, BMC के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति में भी चला बीजेपी का जादू, विपक्ष चारों खाने चित

महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की जोड़ी एक बार फिर हिट हुई है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में भाजपा सबसे ज्यादा सीट जीतकर बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। मुंबई से पढ़िए राहुल पांडे की रिपोर्ट।

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Edited By : Raghav Tiwari Updated: Feb 10, 2026 10:26

नगर परिषद, बीएमसी के बाद रायगढ़, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, पुणे, सातारा, सांगली, सोलापुर, कोल्हापुर, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, धाराशिव और लातूर जिलों में हुए जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में भी बीजेपी का जादू चला है। महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण की जोड़ी एक बार फिर हिट हुई है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में भाजपा सबसे ज्यादा सीट जीतकर बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। कुल 12 जिला परिषद में बीजेपी ने 7 पर अपना कब्जा जमाया है।

बता दें कि नवंबर में हुए नगर परिषद चुनाव, जनवरी में महानगरपालिका चुनाव और अब फरवरी में हुए जिला परिषद चुनाव में सीएम देवेंद्र और रविंद्र की राजनीतिक जोड़ी ने सटीक चुनावी योजना, मजबूत प्रचार तंत्र, स्थानीय स्तर पर संगठन और राज्य स्तर के नेतृत्व के बीच सीधा संवाद और समन्वय स्थापित कर भाजपा की एक सक्षम और मजबूत पार्टी यंत्रणा खड़ी की।

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जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव के नतीजे

कुल 12 जिला परिषद में बीजेपी ने 7 पर अपना कब्जा जमाया है। जबकि शिवसेना शिंदे गुट की झोली में 2, एनसीपी अजित पवार गुट के पास 1 जिला परिषद जाते हुई दिखाई दे रही है। वहीं 125 पंचायत समिति में सबसे ज्यादा भाजपा ने 52 पर जीत दर्ज की है। जबकि दूसरे नंबर पर शिंदे की शिवसेना रही है, शिवसेना शिंदे गुट ने 26 पर कब्जा जमाया है। एनसीपी अजित पवार गुट 25, कांग्रेस 8, एनसीपी SP 8, शिवसेना उद्धव 5 और अन्य के पास 1 सीट गई है।

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क्यों हिट हुई जोड़ी?

बीजेपी ने कई स्थानों पर बेहद चौंकाने वाली और ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इस सफलता के प्रमुख शिल्पकार देवेंद्र फडणवीस और कुशल सूत्रधार रविंद्र चव्हाण हैं, इसमें कोई संदेह नहीं। रविंद्र चव्हाण को एक सिद्ध चुनावी नेता के रूप में जाना जाता है। वे जमीन से जुड़े हुए और कार्यकर्ताओं के बीच रहने वाले प्रदेश अध्यक्ष हैं। चुनाव में आवश्यक साम, दाम, दंड और भेद का संतुलित उपयोग करते हुए भी वे विचारधारा के सूत्र से कार्यकर्ताओं और मतदाताओं को जोड़ने वाला नेतृत्व प्रदान करते हैं। यही कारण है कि दिल्ली और नागपुर, दोनों सत्ता केंद्रों से उनके घनिष्ठ संबंध हैं। साथ ही उन्हें देवेंद्र फडणवीस का निरंतर समर्थन और सहयोग हमेशा प्राप्त होता रहा है।

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First published on: Feb 10, 2026 10:26 AM

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