Add News24 as a Preferred Source Add news 24 as a Preferred Source

---विज्ञापन---

मध्य प्रदेश

एक IAS, तीन शादियां! दो पत्नियां कलेक्टर तीसरी… सुर्खियों में MP के चर्चित अफसर की शादी

मध्य प्रदेश के चर्चित IAS अधिकारी अवि प्रसाद की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में है, जहां उनकी तीसरी शादी और तीनों पत्नियों के प्रशासनिक पदों ने सबका ध्यान खींचा है.

Author
Written By: Raja Alam Updated: Feb 16, 2026 11:55

मध्य प्रदेश के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं. अवि प्रसाद ने हाल ही में 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे के साथ तीसरी शादी की है. यह विवाह 11 फरवरी को कूनो नेशनल पार्क में बेहद सादगी भरे समारोह में संपन्न हुआ. अंकिता धाकरे वर्तमान में राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं. अवि प्रसाद की शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर आने के बाद से ही लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कुछ लोग इसे उनका निजी फैसला मान रहे हैं तो कुछ उनके बार-बार बदलते वैवाहिक रिश्तों को लेकर चर्चा कर रहे हैं.

पिछली दो पत्नियां भी हैं जिले की कलेक्टर

अवि प्रसाद की वैवाहिक जिंदगी की खास बात यह है कि उनकी पहली दो पत्नियां भी भारतीय प्रशासनिक सेवा की सीनियर अधिकारी हैं. उनकी पहली शादी तैयारी के दिनों की साथी रिजु बाफना से हुई थी जो फिलहाल शाजापुर जिले की कलेक्टर हैं. आपसी सहमति से तलाक के बाद उन्होंने दूसरी शादी 2016 बैच की आईएएस मिशा सिंह से की थी जो वर्तमान में रतलाम कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं. मिशा सिंह के साथ भी उनका रिश्ता करीब चार साल ही चला और फिर दोनों अलग हो गए. अवि प्रसाद की तीनों पत्नियां प्रशासन में ऊंचे पदों पर काबिज हैं जिससे यह मामला और भी ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है.

---विज्ञापन---

यह भी पढ़ें: AI Impact Summit 2026: PM मोदी आज करेंगे AI Summit की शुरुआत, भारत के लिए क्यों खास है ये इवेंट?

विरासत में मिली सियासत और शानदार करियर

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के रहने वाले अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर काफी प्रभावशाली रहा है. उन्होंने साल 2014 की यूपीएससी परीक्षा में देशभर में 13वीं रैंक हासिल की थी जिससे उनकी काबिलियत का अंदाजा लगाया जा सकता है. अवि प्रसाद को शासन और प्रशासन की समझ विरासत में मिली है क्योंकि उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं. आईएएस बनने से पहले उनका चयन आईपीएस के लिए भी हुआ था लेकिन उन्होंने प्रशासनिक सेवा को ही चुना. उनके करीबियों का मानना है कि बचपन से ही राजनीतिक माहौल में रहने के कारण उनमें नेतृत्व के गुण कूट-कूट कर भरे हैं.

---विज्ञापन---

तेजतर्रार अफसर और सख्त कार्यशैली की पहचान

निजी जिंदगी के अलावा अवि प्रसाद अपनी सख्त और सक्रिय कार्यशैली के लिए भी जाने जाते हैं. वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद के सीईओ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. इससे पहले कटनी में कलेक्टर रहते हुए उन्होंने कुपोषण के खिलाफ जो अभियान चलाया था उसकी पूरे राज्य में तारीफ हुई थी. वे जमीनी स्तर पर जाकर योजनाओं की समीक्षा करने और तुरंत फैसले लेने वाले अधिकारियों में गिने जाते हैं. प्रशासनिक नवाचारों के लिए उन्हें कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है. फिलहाल अपनी तीसरी शादी को लेकर उन्होंने खुद कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया है.

First published on: Feb 16, 2026 11:55 AM

संबंधित खबरें

Leave a Reply

You must be logged in to post a comment.